Wednesday, June 29, 2022

SC/ST एक्ट पर संशोधन बिल लाएगी केंद्र सरकार, दिया जाएगा पुराना स्वरूप

- Advertisement -

एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम को अपने पुराने और मूल स्वरूप में फिर से लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने अपनी तैयारी कर ली है। मोदी सरकार संसद के इसी सत्र में संशोधन बिल पेश करेगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को इस कानून में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

साथ ही सरकार ने दलित संगठनों से अपील की है कि अब वह 9 अगस्त को बंद न करें। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल 20 मार्च के अपने फैसले में इस कानून के प्रावधानों में कई बदलाव करते हुए ऐसे मामले में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।

सुप्रीम कोर्ट इस फैसले के बाद तमाम दलित संगठनों ने दो अप्रैल को ऐतिहासिक भारत बंद का आह्वान किया था। इस बंद की खासीयत यह थी कि बिना किसी राजनीतिक संगठन के सहयोग के देशभर के लाखों दलित सड़कों पर उतर आए। लेकिन यह बंद कुछ ही समय बाद हिंसक आंदोलन के रूप में बदल गया।

इस बंद के दौरान उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र समेत कई इलाकों में हिंसा के दौरान कई लोग मारे गए थे और करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ था। ऐसे में भाजपा के सहयोगी और लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष राम विलास पासवान ने न्यायालय का आदेश पलटने के लिए एक नया कानून लाने की मांग की थी। सत्तारूढ़ पार्टी के संबंध रखने वाले कई दलित सांसदों और आदिवासी समुदायों ने भी मांग का समर्थन किया था।

लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने NDTV से बात करते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ट जस्टिस आदर्श कुमार गोयल ने एससी/एसटी एक्ट को कमजोर किया है और सरकार ने उनको रिवार्ड देते हुए एनजीटी का चेयरमैन बनाया। हम मांग करते हैं कि जस्टिस गोयल को एनजीटी चेयरमैन पोस्ट से तत्काल हटाया जाय और ऑर्डिनेंस लाकर सरकार ऑरिजनल एससी/एसटी एक्ट को रिस्टोर करें।

- Advertisement -

Hot Topics

Related Articles