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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए बाबरी मस्जिद की जमीन देने के बदले मौलाना सलमान नदवी पर 5000 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग करने का आरोप लगाने वाले अमरनाथ मिश्रा को राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण न्यास से निष्कासित कर दिया है.

समिति के अध्यक्ष महंत जन्मेजय शरण की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि अमर नाथ मिश्रा को न्यास की नीतियों के विरूद्ध काम करने के कारण न्यास से निष्कासित कर दिया गया है. शरण ने कहा कि मिश्रा खुद को न्यास का महासचिव बताते हैं लेकिन वह अब न्यास में नहीं हैं. इसलिए मिश्रा के बयान को उनकी निजी राय ही माना जाए.

ध्यान रहे मिश्रा ने नदवी पर समझौते के बदले 5000 करोड़ रुपये, 2 एकड़ ज़मीन और राज्यसभा की सीट मांगने का आरोप लगाया था. जिसकी पुष्टि खुद इमाम कौंसिल के महासचिव हाजी मसरूर खान ने भी की है. इस मामले में मिश्रा ने नदवी के खिलाफ लखनऊ के हसनगंज थाने में तहरीर भी दी है.

हालाँकि मौलाना नदवी ने इन आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है. साथ ही उन्होंने अब समझौते की मुहीम को रोक दिया है. उन्होंने अब कहा कि ‘अब हम लोगों ने 14 मार्च तक अपनी सारी मुहिम रोक दी है. हम इंतजार कर रहे हैं कि अदालत 14 मार्च को क्या कहती है और वह फैसला किस तरह करती है.’

आप को बता दें कि नदवी ने समझौते को लेकर कहा था कि हंबली मसलक के मुताबिक, मस्जिद दूसरी जगह शिफ्ट की जा सकती है. हम मस्जिद में बुत नहीं रख रहे, बल्कि मस्जिद शिफ्ट करने की बात कर रहे हैं. ये देश और मुसलमानों के हित में है. जिसके बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया.

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