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नयी हज नीति का मसौदा तैयार करने वाली समिति के प्रमुख अफजल अमानुल्ला ने 45 साल से कम उम्र की महिलाओं को भी मेहरम के बिना हज पर जाने की अनुमति देने का सुझााव दिया है।

सऊदी अरब के जेद्दा में भारत के महावाणिज्य दूत रहे अमानुल्ला ने भाषा से कहा, अगर सरकार चाहे तो 45 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं को भी मेहरम के बिना हज पर जाने की इजाजत दे सकती है। अगर कोई भी बालिग लड़का हज पर जा सकता है तो फिर बालिग लड़की क्यों नहीं जा सकती वैसे, इस बारे में कोई भी कदम सरकार को ही उठाना है।

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उन्होंने कहा कि सऊदी अरब सरकार की तरफ से अतीत में मेहरम वाली कोई रोक नहीं थी और यह शर्त भारतीय पक्ष की तरफ से थी। अमानुल्ला ने कहा, इसमें कोई भी सच्चाई नहीं है कि मेहरम वाली पाबंदी सऊदी अरब सरकार ने लगाई थी। यह रोक भारत की तरफ से थी और अब इसे हटाया गया है। इसे मैं बहुत बड़ा कदम मानता हूं।

अमानुल्ला ने कहा, मेरी समझा में नहीं आ रहा कि सरकार की तरफ से इतने वर्षों से यह रोक क्यों लगी हुई थी नयी हज नीति का मसौदा तैयार करने के दौरान हमने सदी प्रशासन से संपर्क किया तो पता चला कि उनकी तरफ से कोई रोक नहीं है। इस पाबंदी का उल्लेख दोनों देशों के बीच हर साल होने वाले हज संबंधी समझाौते में होता था। यह पाबंदी भारत की तरफ से थी। ऐसे में हमने सिफारिश की कि यह रोक हटनी चाहिए और जिन महिलाओं का पंथ अनुमति दे उन्हें बिना मेहरम के हज पर जाने की इजाजत मिलनी चाहिए।

ध्यान रहे हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में अपने मन की बात कार्यक्रम में मेहरम वाले मामले का उल्लेख किया था और यह पाबंदी हटाने को लेकर केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की तारीफ की थी।