Friday, June 25, 2021

 

 

 

मंदिर में नमाज पढ़ने वाले फैसल खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी जमानत

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मथुरा. नंदगांव (Nandgaon) के नंदबाबा मंदिर (Nandbaba Nand Mahal Temple) में कथित तौर पर धोखे से नमाज अदा करने वाले आरोपी फैसल खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी है।

आरोप है कि 29 अक्टूबर को मथुरा के नंद बाबा मंदिर परिसर में चार लोग आए। इनमें से दो लोगों ने मंदिर के सेवायतों को गुमराह कर मंदिर परिसर में ही नमाज पढ़ी। पुलिस ने हिन्दू संगठनों की शिकायत पर इस मामले में एफ़आईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ 53-A, 295, 505 के तहत बरसाना थाने में मुकदमा दर्ज किया था।

याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को दलील में कहा कि वह सामाजिक कार्यकर्ता है। खुदायी खिदमतगार के रूप में जाना जाता है। 25 सालों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाने में जुटा हुआ है। वह मंदिर के भीतर नहीं गया। पुजारी की सहमति से मंदिर के बाहर नमाज पढ़ी थी।

याची के अधिवक्ता ने कोर्ट के सामने अपील करते हुए कहा कि आरोपी साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने, गवाहों पर प्रलोभन या अन्य तरीके से दबाव नहीं डालेगा। वहीं विचारण में सहयोग करेगा। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि याची अब कोई भी फोटोग्राफ सोशल मीडिया में वायरल नहीं करेगा।

मामले में फैसल खान ने बताया था कि वो लोग ब्रज की चौरासी कोसी परिक्रमा करने के लिए मथुरा गए थे और यह सद्भावना यात्रा थी। जो हम 20 सालों से करते आ रहे हैं। नमाज़ पढ़ने के सवाल फैसल खान ने कहा कि इसमें गलत क्या है और हमने ऐसा पहली बार नहीं किया है। हम इससे पहले भी चर्च वगैरह में रुके हैं और वहां जिसका जो दिल करता वो करता है। जैसे नमाज़ पढ़ना या आरती करना।

उन्होंने कहा था हम मंदिर ही नहीं मस्जिद में जाकर गीता का दर्स भी देते हैं और मेरे घर भी सभी मज़हब का लिट्रेचर मिलेगा। एक बहुत छोटा तबका ऐसा है जो इसका विरोध कर रहा है। भगवान श्री कृष्ण और रसखान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण जी ने रसखान को रोका? रसखान आखिरी वक्त तक मुसलमान रहे और श्री कृष्ण की इबादत करते रहे।

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