Saturday, December 4, 2021

अयोध्या विवाद का सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने का हर संभव प्रयास करेंगे: जस्टिस खलीफुल्लाह

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हैदराबाद: अयोध्या विवाद में मध्यस्थता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने तीन लोगों की एक कमेटी बनाई है। कमेटी के प्रमुख जस्टिस खलीफुल्लाह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं समझता हूं कि SC ने मेरी अध्यक्षता में मध्यस्थता समिति की नियुक्ति की है। मुझे अभी आदेश की प्रति प्राप्त नहीं हुई है। वर्तमान के लिए मैं कह सकता हूं कि यदि समिति का गठन किया गया है तो हम इस मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने का हर संभव प्रयास करेंगे।

वहीं दूसरे सदस्य श्री श्री रविशंकर ने फैसले पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए श्री श्री ने कहा कि सदियों से जारी संघर्ष को समाप्त करना ही हम सबका लक्ष्य होना चाहिए। आपको बता दें कि श्री श्री के अलावा पैनल में जस्टिस एफएम कलीफुल्ला और श्रीराम पांचू शामिल हैं। श्री श्री रविशंकर ने ट्वीट कर कहा, ‘सबका सम्मान करना, सपनों को साकार करना, सदियों के संघर्ष का सुखांत करना और समाज में समरसता बनाए रखना- इस लक्ष्य की ओर सबको चलना है।’

इससे पहले बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद भी रविशंकर ने कहा था कि हमें अपने अहंकार और मतभेदों को अलग रखकर इस विषय से संबंधित सभी दलों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सबको साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उस समय आध्यात्मिक गुरु ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मध्यस्थता को प्राथमिकता देना देश के और इस विषय से संबंधित सभी दलों के हित में है। इस विवाद को मैत्रीपूर्ण रूप से सुलझाने का हमें पूरा प्रयास करना चाहिए।

इसी बीच सुन्नी धर्मगुरु मौलाना खालिद राशिद फिरंगीमहली का जवाब आया है। उनका कहना है कि मध्‍यस्‍थता का हम स्वागत करते है। फिरंगी महली ने कहा कि बातचीत सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होना सबसे अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि इस मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप न हो तो ज़रूर कोई हल निकल सकता है। सुन्नी धर्मगुरु ने कहा कि देश का हर बाशिंदा चाहता है कि इस मामले का हल निकले।

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