Saturday, June 12, 2021

 

 

 

मुंबई पोस्टल ऑफिस में अखिलेश यादव और अन्ना हजारे ले रहे सैलरी

- Advertisement -
- Advertisement -

मुंबई | देश में बेरोजगारी का आलम यह है की सातवे वेतन आयोग के ज़माने में लोग 7-7 हजार रूपए में नौकरी करने का मजबूर है और भ्रष्टाचारी उनकी इसी मजबूरी का फायदा उठा रहे है. सरकारी एजेंसीज में बेरोजगारों कंट्रैक्चुअल आधार पर रोजगार देकर उनका शोषण किया जा रहा है. सरकारी एजेंसीज लोगो को 11 महीने के लिए नौकरी पर रखती है, उनसे वो सब काम कराती है जो एक परमानेंट एम्प्लोयी करता है. फिर 11 महीने बाद या तो इनको नौकरी से निकाल दिया जाता है या फिर रिश्वत लेकर समय आगे बढ़ा दिया जाता है.

मुंबई के पोस्टल ऑफिस में कुछ ऐसी ही घटना देखने को मिली है. यहाँ के गोरेगांव पोस्टल ऑफिस में 35 पोस्टल मैन कंट्रैक्चुअल आधार पर रखे गए. कुछ महीने तक इन्होने अटेंडेंस रजिस्टर में अपने नाम के साम्मने हस्ताक्षर किये लेकिन बाद में इनको कुछ अलग नामो के आगे हस्ताक्षर करने को कहा गया. चौंकाने वाली बात यह है की जिन नामो के सामने इनसे हस्ताक्षर कराये गए उनमे यूपी के सीएम् अखिलेश यादव, समाजसेवी अन्ना हजारे और एनसीपी के दिवगंत नेता आर आर पाटिल के नाम शामिल है.

दरअसल कानून के अनुसार अगर कोई एम्प्लोयी एक साल से ज्यादा किसी विभाग में काम कर लेता है तो वो खुद को परमानेंट करने की मांग कर सकता है. इस लफड़े से बचने के लिए सभी पोस्टल मैन के नाम बदल दिये गए जिससे यह साबित न हो की इन लोगो ने एक साल से ज्यादा नौकरी की है. इसलिए उनके नाम कुछ महीने बाद रजिस्टर से हटाकर अलग नामो पर उनके हस्ताक्षर लिए जाने लगे.

जब पोस्टल मैन ने नए नामो के सामने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया. इस तरह के करीब 250 पोस्टल मैन ने एक ग्रुप बनाकर पोस्टल ऑफिस के अधिकारियो के खिलाफ शिकायत की. उन्होंने इस बारे में एक पत्र जनरल पोस्ट ऑफिस के डायरेक्टर और इंडिया पोस्ट के सेक्रेट्री को भेजा लेकिन वहां से कोई जवाब नही आया.

इसके बाद इन्होने एक समाजसेवी प्रदीप भोलेकर से मुलाकात की. उन्होंने बताया की पोस्टल अधिकारी कुछ ऐसे लोगो के नाम की भी सैलरी अपनी जेब में ले रहे है जो वहां काम भी नही करते. इसकी जांच होनी चाहिए और भ्रष्टाचारियो को जेल में डालना चाहिए. सभी पोस्टल मैन को 7 हजार रूपए वेतन दिया जाता है. हर 15 दिन में इनको वेतन मिलता है. ये लोग वो सब काम करते है जो एक परमानेंट एम्प्लोयी करता है लेकिन सुविधा के नाम पर इनको कुछ नही दिया जाता.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles