अजमेर: विश्व प्रसिद्ध हज़रत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती उर्फ़ ख्वाजा गरीब नवाज (रह.) की दरगाह के सबंध में हिंदूवादी संगठन शिवसेना हिंदुस्तान (एसएसएच) की और से जारी धमकी भरे वीडियो के जारी करने के बाद दरगाह समिति ने राज्य सरकार से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की है.

दरअसल, शिवसेना हिंदुस्तान की और से जारी वीडियो में दरगाह के स्थान पर राम मंदिर स्थापित करने की धमकी दी है. ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. दरगाह समिति ने इस मामले के बारे में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के अधिकारियों को मौखिक रूप से भी अवगत कराया है.

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इस सबंध में अजमेर दरगाह, नाजीम (सीईओ) आईबी पीरजादा ने कहा, “मैंने पहले ही सोशल मीडिया में छिपी धमकी के बारे में मंत्रालय के संबंधित अधिकारियों को सूचित किया है. मैं उचित सुरक्षा कवर सहित आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रशासन को लिख रहा हूं.”

शिवसेना हिंदुस्तान के महासचिव लखन सिंह पंवार की और से जारी वीडियो के बाद शहर में तनाव फैला हुआ है. इस वीडियो में वह मुस्लिमो, दरगाह और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहा है.

पुलिस ने पंवार के खिलाफ धारा 153 ए, 295, और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया है. अजमेर के एसएपी राजेंद्र सिंह ने कहा कि हमने एक सप्ताह पहले सुरक्षा तंत्र की जांच की थी. हम दरगाह पर नियमित अभ्यास भी करते हैं और जरूरत के मुताबिक सुरक्षा कवर बढ़ाते हैं.

वीडियो के वायरल होने के बाद दरगाह के खादिमों सहित कई स्थानीय लोगों ने 22 दिसंबर को दरगाह बाजार में विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. अंजुमन मोइनिया फकीरिया के अध्यक्ष सईद मोइन हुसैन चिशी, ने कहा, “पंवार ने केवल मुस्लिमों की बल्कि आशिक-ए-ख्वाजा जिसमें हिंदू, सिख ईसाई शामिल हैं की भावनाओं को आहत किया. उन्होंने कहा, मैं पंवार को आंतरिक शांति महसूस करने के लिए ख्वाजा साहब के पवित्र तीर्थ का दौरा करने का निमंत्रण करता हूं जो उसके मन और आत्मा में जहर को ठीक करेगा.

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