11 अक्टूबर 2007 को हिन्दू-मुस्लिम एकता के मरकज विश्व प्रसिद्ध अजमेर में स्थित हजरत ख्वाजा ग़रीब नवाज की दरगाह में हुए बम-ब्लास्ट मामलें में एनआईए की विशेष अदालत का फैसला आ चूका हैं. 8 मार्च को दोषी करार दिए गए भावेश , देवेन्द्र और सुनील जोशी को उम्र कैद की सजा सुनाई गयी हैं.

इस मामलें में अब एक चौकाने वाला खुलासा हुआ हैं. मामले से जुड़े एक संदिग्ध भरत मोहनलाल रतेशवर ने एनआईए को दिए अपने बयान में कहा कि ब्लास्ट मामले के दोषी सुनील जोशी से उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्य नाथ मुलाकात हुई थी. ध्यान रहे सुनील जोशी की 2007 में मध्य प्रदेश में हत्या हो गई थी.

रतेशवर ने कहा- “हम एक आश्रम के गेस्ट हाउस में रुके थे. रात के लगभग 9 बजे थे और मैं और जोशी आदित्य नाथ से मिलने उनके घर के हाल में गए थे. वहां जाकर मैं कुछ दूरी पर खड़ा हो गया लेकिन जोशी आदित्य नाथ के करीब जाकर बैठ गया. दोनों बड़े ही गुप्त तरीके से धीमी आवाज में बातें कर रहे थे.”

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

राजस्थान एटीएस और एनआईए की जांच के मुताबिक मीटिंग आदित्य नाथ के गोरखपुर स्थित घर में मार्च-अप्रैल 2006 में हुई थी. एनआईए ने बाद में यह दावा भी किया था कि दिसंबर 2007 में जोशी की हत्या के बाद उसकी जेब से जो डायरी बरामद की गई थी उसने योगी के कॉन्टैक्ट नंबर पाए गए थे.

रतेशवर के बयान के मुताबिक उसे स्वामी असीमानंद ने सुनील जोशी के साथ गोरखपुर समेत झारखंड, आगरा और नागपुर जाने को कहा था. चार्जशीट के मुताबिक रतेशवर और जोशी इंदौर में मिलने के बाद चितरंजन पहुंचे जहां उन्हें लेने जिला आरएसएस प्रचारक देवेंद्र गुप्ता पहुंचा.

रतेश्वर के बयान के मुताबिक वे दो दिन जमतारा में रहे और फिर आगरा के लिए निकल गए. आगरा में वह राजेश्वर सिंह से मिले जो उन्हें गोरखपुर ले गया. गोरखपुर पहुंचने के अगले दिन उनकी(जोशी और रतेश्वर) योगी आदित्य नाथ से उनके गोरखपुर स्थित आश्रम में मुलाकात हुई.

Loading...