मुस्लिमों की और से बरसों से की जा रही हज सब्सिडी को बंद करने की मांग आखिर पूरी हो गई है. इस मामले में ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने अपनी ख़ुशी जताई है.

बोर्ड ने कहा कि हज सब्सिडी को लेकर तो मुस्लिम बदनाम थे. दरअसल हज सब्सिडी को नहीं बल्कि घाटे में चल रही एयर इंडिया को दी जा रही थी. बोर्ड का कहना है कि हज सब्सिडी के जरिए सिर्फ मुस्लिमों को बदनाम किया जा रहा था.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने ‘भाषा’ से कहा, सरकार दरअसल, हज यात्रियों को नहीं बल्कि घाटे में चल रही एयर इण्डिया की मदद के लिए सब्सिडी दे रही थी. यह एक छलावा था. सब्सिडी के नाम पर मुसलमानों के साथ सिर्फ धोखा किया जा रहा था.

उन्होंने कहा कि हज सब्सिडी बुनियादी तौर पर एयर इण्डिया के लिए हुआ करती थी, हाजियों के लिए नहीं. उन्होंने कहा कि हज सब्सिडी बुनियादी तौर पर एयर इण्डिया के लिए हुआ करती थी, हाजियों के लिए नहीं. अगर बगैर किसी सब्सिडी के हाजियों से किराया लिया जाए तो वह कम होगा.

रहमानी ने कहा कि जब हज यात्री विमान के टिकट के थोक खरीदार हैं, तो उनका किराया सस्ता होना चाहिए, ना कि महंगा. इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का नियम है कि अगर कोई किसी तीर्थस्थल पर जा रहा है तो उसे किराए में 40 प्रतिशत की छूट मिलेगी. अगर किराया सस्ता ना हो तो उतना तो होना ही चाहिए जितना सामान्य दिनों में होता है.