कोरोना संकट के बीच एयर इंडिया ने 13 अगस्त की रात 48 पायलटों को नौकरी से अचानक निकाल दिया।  इन 48 पायलटों ने पिछले साल इस्तीफा दिया था। हालांकि छह महीने के नोटिस पीरियड के अंदर अपना इस्तीफा वापस ले लिया था।

इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन (आईसीपीए) की और से एयर इंडिया के सीएमडी को लिखे अपने पत्र में कहा है कि जिन पायलटों ने पिछले साल अपने इस्तीफे दे दिए थे और 6 महीने की नोटिस अवधि में अपने इस्तीफे वापस भी ले लिए थे, उन्हें गुरुवार को रात 10 बजे अचानक सेवामुक्त कर दिया गया। पायलटों का आरोप है कि क्रू को उनके इस्तीफों की स्वीकृति और उसके बाद के नोटिस पीरियड आदि के बारे में सूचित नहीं किया गया था।

इसमें कहा गया, ‘‘13 अगस्त को कार्यालय बंद होने के बाद जाहिर है इन पायलटों की सेवाएं भी समाप्त हो गईं थीं, इसके बाद भी एक पायलट की 14 अगस्त को एआई 804/506 को संचालित करने की ड्यूटी लगाई गई। जाहिर है इन फ्लाइट्स को उड़ाने वाले पायलट 13 अगस्त के बाद तकनीकी रूप से एयर इंडिया के कर्मचारी नहीं थे।’’ इसमें आगे कहा गया, ‘‘यह उड़ान की सुरक्षा को लेकर एक हास्यस्पाद और बेहद गंभीर उल्लंघन है।

बंसल को लिखे गए पत्र में आईसीपीए ने यह खुलासा भी किया है कि 13 अगस्त 2020 को तत्काल प्रभाव से बर्खास्तगी का पत्र जारी करने के बाद भी एक पायलट ने 14 अगस्त को एआई 804/506 विमान उड़ाया था। आईसीपीए ने याद दिलाया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयर इंडिया ने आश्वासन दिया था कि अन्य एयरलाइनों के विपरीत, एयर इंडिया अपने किसी भी कर्मचारी को नहीं निकालेगी।

आईसीपीए ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘क्या हो रहा है? बिना उचित प्रक्रिया अपनाए रातों-रात हमारे लगभग 50 पायलटों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। इस महामारी के समय में राष्ट्र की सेवा करने वालों के लिए यह एक सदमे की बात है।’’

Loading...
अपने 2-3 वर्ष के शिशु के लिए अल्फाबेट, नंबर एंड्राइड गेम इनस्टॉल करें Kids Piano
विज्ञापन