गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते 70 बच्चों की मौत हो गई. हालांकि इस में डॉ कफील खान की मेहनत से कई मरीजों की जान बच गई. बावजूद इसके योगी सरकार ने उन्हें पद से हटा दिया.

ऐसे में अब देश के सबसे बड़े अस्पताल एम्स का डॉक्टर असोसिएशन डॉ कफील के समर्थन में आगे आया है. एम्स के डाक्टरों का कहना है कि इस पुरे मामले में योगी सरकार ने डॉ कफील को बलि का बकरा बनाया है.

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एम्स के रेजीडेंट डॉक्टर संघ के अध्यक्ष डॉ हरजीत सिंह भट्टी ने कहा, ‘‘हमें बड़ी पीड़ा के साथ यह बात कहनी है कि सरकार की बुनियादी खामी और नामाकी के लिए फिर एक डॉक्टर को बलि का बकरा बनाया गया है.’’

संघ ने योगी सरकार की निंदा करते हुए एक पत्र जारी किया है. जिसमे कहा गया कि अगर अस्पताल में ऑक्सीजन, दस्ताने, सर्जिकल उपकरण और बुनियादी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं तो कौन जिम्मेदार है? सरकार के मुताबिक डॉक्टर जिम्मेदार है.

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी राजनेताओं से अपील है कि अपनी असमर्थता को छिपाने के लिए रोगी और डॉक्टर के रिश्ते को नहीं बिगाड़ें.’’ आपको बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हॉस्पिटल के दौरे के कुछ घंटे बाद ही डा कफील को नोडल ऑफिसर के पद से हटा दिया गया.

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