प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सोनिया गांधी के सलाहकार अहमद पटेल, उनके बेटे और दामाद के खिलाफ मनी लॉड्रिंग के एक मामले में  जांच शुरू कर दी है.

ये मामला 500 करोड़ बैंक लोन फ्रॉड का बताया जा रहा है. डोदरा की संदेसरा ग्रुप के एक अधिकारी ने जांच के दौरान तीनों का नाम लिया है. ईडी ने कहा कि इन पैसों का इस्तेमाल प्रॉपर्टीज और शैल कंपनियों को खरीदने के लिए किया गया.

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संदेसरा ग्रुप के एग्जिक्यूटिव सुनील यादव ने ईडी को दिए गए लिखित बयान में आरोप लगाया है कि इस ग्रुप के मालिक चेतन संदेसरा और उनके सहयोगी गगन धवन ने पटेल के दामाद इरफान सिद्दीकी को कैश दिया था. यादव ने ईडी को बताया कि उन्होंने फैजल पटेल के ड्राइवर को भी कैश दिया था. यादव का बयान प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के सेक्शन 50 के तहत रिकॉर्ड किया गया.

अहमद पटेल ने कहा कि वह इस मामले में कुछ नहीं कहना चाहते. पटेल कांग्रेस के गुजरात से राज्यसभा सांसद हैं. साथ ही वह 19 साल तक कांग्रेस अध्यक्ष रही सोनिया गांधी के राजनैतिक सलाहकार भी हैं.