Wednesday, August 4, 2021

 

 

 

असम में बीजेपी को बड़ा झटका – नागरिकता बिल पर सहयोगियों ने बीजेपी से लिया समर्थन वापस

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असम में सिटिजनशिप बिल को लेकर हुए मतभेद के बाद असम गण परिषद ने बीजेपी की अगुआई वाली सरकार से समर्थन वापस ले ले लिया है। पार्टी अध्यक्ष अतुल वोरा ने इस बारे में जानकारी दी है। बता दें कि अतुल बोरा राज्य सरकार में कृषि मंत्री भी हैं। 

इससे पहले सोमवार को संसद में नागरिकता संशोधन बिल पेश किया गया जिसका भाजपा के दो सहयोगियों ने ही विरोध किया। इसके तहत व्यवस्था है कि जो भारतीय होगा वो दस्तावेज दिखाकर यहीं रहेगा और जो दस्तावेज नहीं दिखा पाएगा उसे उसके देश भेज दिया जाएगा।

हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि इस बिल को वर्तमान सत्र में ही पास किया जाएगा। पीएम मोदी के इस बयान के बाद राज्य में विरोध प्रदर्शन बढ़ गए। आपको बता दें कि 126 सदस्यों वाली असम विधानसभा में बीजेपी के 61 विधानसभा सदस्य हैं। एजीपी के कुल 14 विधायक हैं।

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इस विधेयक के तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों, जैसे हिंदुओं, बौद्ध, जैन, पारसियों और ईसाइयों को भारत की नागरिकता के लिए आवेदन देने का प्रावधान है। एजीपी इस विधेयक के खिलाफ है और बीजेपी इस विधेयक के समर्थन में है। 

एजीपी ने शनिवार को दोहराया था कि अगर बिल लोकसभा में पास हुआ तो वे गठबंधन से समर्थन वापस ले लेंगे। महंत ने कहा था कि यह बिल बीजेपी की अगुआई वाली केंद्र सरकार की दोहरी नीतियों को दर्शाता है।

महंत के मुताबिक, एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट की अगुआई में नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस 1951 का अपडेशन जारी है, वहीं सरकार विदेशियों को कानूनी मान्यता देने की तैयारी कर रही है।

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