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नई दिल्ली। मशहूर वैज्ञानिक और शायर गौहर रज़ा को दिल्ली में आयोजित होने वाले शंकर शाद मुशायरे के बाद देशद्रोहियों को समर्थक बताने के मामले में ज़ी न्यूज़ को कोई राहत नहीं मिली है. इस मामले में अब ज़ी न्यूज़ को माफ़ीनाम ऑनस्क्रीन चलाना होगा.

दरअसल, नेशनल ब्रॉडकास्ट स्टैंडर्ड अथॉरिटी ने ज़ी न्यूज़ की पुनर्विचार याचिका को ठुकरा दिया है. जिसके बाद अब ज़ी न्यूज़ को हफ़्ते भर के अंदर एक लाख रुपये जुर्माना अदा करना होगा और 16 फ़रवरी को रात नौ बजे अपनी स्क्रीन पर माफ़ीनामा चलाना होगा.

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ध्यान रहे 5 मार्च 2016 को गौहर रज़ा ने शंकर-शाद मुशायरे में एक नज़्म पढ़ी थी, यह नज्म सत्ता पर कटाक्ष करने वाली थी. जिसके बाद ज़ी न्यूज़ ने ‘अफ़जल प्रेमी गैंग का मुशायरा‘ शीर्षक से एक कार्यक्रम प्रसारित किया. जिसमें गौहर रज़ा को ‘देशद्रोही’ करार दिया था. साथ ही उन्हें उन्हें संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु का समर्थक भी बताया था.

 4 अप्रैल को गौहर रज़ा ने इसकी शिकायत एनबीएसए से की. तमाम दलीलों को सुनने के बाद न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड ऑथोरिटी (एनबीएसए) के चेयरपर्सन न्यायाधीश आर.वी. रवीन्द्रन ने 31 अगस्त 2017 को ज़ी न्यूज को आदेश दिया कि वह एक लाख रुपये  का जुर्माना अदा करने के अलावा  8 सितंबर को रात नौ बजे  निम्नलिखित माफ़ीनामा प्रसारित करे.