रायपुर | अभी हाल ही में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई 70 बच्चो की मौत को लोग भुला भी नही पाए थे की छत्तीसगढ़ में भी कुछ इसी तरह की घटना सामने आई है. यहाँ के एक सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 3 बच्चो की जान चली गयी. हालाँकि अस्पताल प्रशासन ने बच्चो की मौत के लिए ऑक्सीजन की कमी को जिम्मेदार मानने से इंकार कर दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतको की संख्या और बढ़ सकती है.

मिली जानकारी के अनुसार रविवार को रायपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में अचानक से ऑक्सीजन की मात्रा कम हो गयी. जिसकी वजह से कई बच्चो को सांस लेने में दिक्कत होने लगी. जब तक सप्लाई सुचारू हो पाती तब तक तीन घरो के चिराग बूझ चुके थे. पिछले दस दिनो के अन्दर इस तरह की यह दूसरी घटना है. उधर मामले की जाँच के बाद पता चला की यह हादसा , अस्पताल में काम कर रहे एक कर्मी की लापरवाही की वजह से हुआ है.

ड्यूटी के दौरान उस कर्मी ने काफी शराब पी हुई थी. इसलिए शराब के नशे उसने ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित कर दी. जिसकी वजह से अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी हो गयी. बाद में इस कर्मी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया. अस्पताल कर्मी का नाम रवि चंद्र बताया जा रहा है. बताते चले की यह रायपुर का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है. इस अस्पताल में पुरे राज्य भर से लोग अपना इलाज कराने आते है. इसके अलावा इस अस्पताल में तमाम स्वास्थ्य सुविधाए भी उपलब्ध है.

मालूम हो की 10 अगस्त को गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अचानक से ऑक्सीजन की किल्लत हो गयी. जिसकी वजह से दो दिन के अन्दर ही करीब 70 बच्चो की मौत हो गयी. इनमे से ज्यादातर बच्चे इंफेलाइटिस बीमारी से पीड़ित थे. इस मुद्दे ने उत्तर प्रदेश की राजनीती में भूचाल ला दिया. विपक्षी दलों ने राज्य सरकार को घेरते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग तक कर डाली. बाद में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्नाथ सिंह ने बेहद ही विवादित बयान देते हुए कहा की अगस्त में पहले भी इस तरह की घटनाए हो चुकी है.

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