image: सांकेतिक

 

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कुशीनगर | 2014 लोकसभा चुनावो के समय बीजेपी के कुछ नेताओं ने ‘लव जिहाद’ नाम से एक नए मुद्दे को जन्म दिया. इस मुद्दे को बड़ा बनाने में जिन नेताओं की महती भूमिका रही उनमे उत्तर प्रदेश के वर्तमानं मुख्यमंत्री आदित्यनाथ का नाम भी शामिल है. यहाँ तक की उनके द्वारा गठित हिन्दू युवा वाहिनी की वेबसाइट पर लव जिहाद के ऊपर एक पूरी स्टोरी लिखी गयी. इस स्टोरी को शीर्षक दिया गया, ‘द जर्नी ऑफ़ इस्लाम फ्रॉम जिहाद तो लव जिहाद’. उस समय इसे देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया गया.

हिन्दू युवा वाहिनी का आरोप था की मुस्लिम लड़के हिन्दू लडकियों को अपने प्रेम जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन करा रहे है. हालाँकि फ़िलहाल यह मुद्दा ठन्डे बसते में जा चूका था लेकिन हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने दोबारा इस मुद्दे को जिन्दा कर दिया. केरल में एक मुस्लिम लड़के की हिन्दू लड़की के साथ हुई शादी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने NIA से जांच कराने के आदेश दिए. लड़के पर आरोप है की उसने लड़की को बहला फुसलाकर पहले उससे शादी की और बाद में उसका धर्म परिवर्तन करा दिया.

केरल हाई कोर्ट पहले ही इस शादी को रद्द कर चूका है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पुरे देश में लव जिहाद को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गयी. लेकिन जिस उत्तर प्रदेश से इस मुद्दे की शुरुआत हुई, वहां एक और लव जिहाद चल रहा है जिसे शायद मीडिया नही दिखाना चाहता. डीएनए की एक रिपोर्ट में इसे रिवर्स लव जिहाद का नाम दिया गया. कमाल की बात यह है की जिस नेता ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया, आज उसी के सूबे में रिवर्स लव जिहाद पर बोलने वाला कोई नही है.

9 जनवरी को डीएनए में छपी खबर के अनुसार उत्तर प्रदेश के कुशीनगर इलाके में मुस्लिम लडकियों का अपहरण कर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है. डीएनए की पत्रकार श्वेता देसाई ने इस खबर की पुष्टि करने के लिए ग्राउंड जीरो पर जाकर सच्चाई पता लगाने की कोशिश की. अपनी रिपोर्ट में श्वेता ने बताया की यहाँ ऐसी कई मुस्लिम लडकिया है जिनका पहले अपहरण किया गया और बाद में उनके साथ शादी करके उनका धर्म परिवर्तन करा दिया गया.

अपनी रिपोर्ट में श्वेता ने बताया की कुशीनगर के ठाकुर परिवार की बहु अमीषा ठाकुर, पड़ोस में ही रहने वाले मुस्लिम परिवार में पैदा हुआ. ठाकुर परिवार की बहु बनने से पहले अमीषा का नाम जुबेदा था. चूँकि अब वो हिदू बन चुकी है इसलिए उसका नाम अमीषा ठाकुर रख दिया गया. जुबेदा के अंकल अब्दुल्ला ने बताया की ठाकुर परिवार ने भरी पंचायत में एलान किया था की वो जुबेदा को हिंदी बनायेंगे. अब वो उनके साथ हिन्दू बनकर रह रही है.

अब्दुल्ला ने बताया की 13 साल की उम्र में जुबेदा का अपहरण कर लिया गया था. बाद में उसे हिन्दू बनाकर उसकी शादी अरविन्द ठाकुर के साथ कर दी गयी. हम इस बारे में पुलिस में भी शिकायत दर्ज करायी, कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई फायदा नही हुआ. ठाकुर परिवार ने जाली दस्तावेजो के सहारे जुबेदा को बालिग साबित कर दिया. वही जुबेदा ने भी कोर्ट में गवाही दी की मैंने अपनी इच्छा से अरविन्द से शादी की है.

जब श्वेता ने अमीषा (जुबेदा ) से बात की तो कहानी कुछ और सामने आई. उसने बताया की मैंरे हिंदी परिवार में शादी करने के कारण मेरा परिवार मुझसे नाराज था. ऐसा हर प्रेमी युगल के साथ होता है. अपहरण करने पर उसने कहा की यह मात्र एक ग़लतफ़हमी थी. हालाँकि अमीषा और उनके अंकल के बयानों में विरोधाभास है लेकिन श्वेता की रिपोर्ट बताती है की यहाँ 2014 से 2016 के बीच नाबालिग लड़की के अपहरण के करीब 389 मामले सामने आये है .

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