बाबरी मस्जिद की शहादत के मामलें में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और केंद्रीय मंत्री उमा भारती सहित कई बीजेपी नेताओं के खिलाफ केस चल सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने संकेत देते हुए कहा कि महज टेक्नीकल ग्राउंड पर इन्हें राहत नहीं दी जा सकती.

कोर्ट ने सीबीआई को कहा कि इस मामले में सभी 13 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश की पूरक चार्जशीट दाखिल करें. इस संबंध में अदालत 22 मार्च को अपना फैसला सुना सकती है. साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि इससे जुड़े दोनों मामलों की सुनवाई संयुक्त रूप से एक ही अदालत में होनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को यह सुझाव भी दिया कि वह रायबरेली और लखनऊ में चल रहे मामलों को क्लब कर ले. कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई लखनऊ में होगी. सुप्रीम कोर्ट ने यह संकेत सीबीआई की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया जिसमें इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है.

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साल 2010 में हाई कोर्ट ने बीजेपी नेता एलके आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह सहित अन्य नेताओं को आपराधिक षडयंत्र के आरोपों से मुक्त कर दिया था। इन नेताओं में विश्व हिंदू परिषद के नेता भी शामिल हैं.

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