नई दिल्ली | एक महीने बाद नवरात्रे शुरू होते ही पुरे देश में गरबे की धूम शुरू हो जाएगी. मूलतः गुजरात में मनाया जाने वाला गरबा अब लगभग पुरे देश में पसंद किया जाने लगा है. पूर्व से लेकर उत्तर तक गरबे के चाहने वालो की तादाद काफी बढ़ी है. इसलिए गरबे के आयोजन में धर्म की दीवार को गिराते हुए गैर हिन्दू भी बड़ी संख्या में हिस्सा लेते है. यही बात एक हिन्दू संस्था को नागवार गुजर रही है. उनकी मांग है की गरबे में गैर हिन्दू व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगनी चाहिए.

हिन्दू उत्सव समिती का मानना है की गरबे में गैर हिन्दू शामिल होकर लडकियों को लुभाने का प्रयास करते है. उनका यह भी कहना है की त्यौहार के बाद गैर हिन्दू धर्मो के लोगो द्वारा हिन्दू लडकियों के शोषण की काफी शिकायते मिलती है. इसके अलावा समिती ने गणेशोत्सव और जैन धर्म के पर्यूषण पर्व के दौरान मीट की दुकानों को बंद रखने की भी मांग की. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष कैलाश बेगवानी ने उपरोक्त बाते कही.

उन्होंने कहा की गरबे में किसी गैर हिन्दू की एंट्री को रोकने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य करना चाहिए. क्योकि चुनाव पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज फर्जी बनाये जा सकते है इसलिए आधार कार्ड को ही प्रवेश के लिए मान्य करना चाहिए. हिन्दू उत्सव समिति ने यह मांग जिला प्रशासन द्वारा बुलाई गयी शांति बैठक में भी उठायी. दरअसल यह पूरी कवायद मुस्लिमो को गरबे से दूर रखने के लिए की जा रही है. खुद अखबार से बात करते हुए कैलाश ने यह बात मानी.

उन्होंने कहा की हम नही चाहते की मुस्लिम गरबे में हिस्सा ले. क्योकि मुस्लिम हिन्दू लडकियों को लुभाने के लिए गरबे में शामिल होते है. जबकि त्यौहार के बाद ये लोग हिन्दू लडकियों का शोषण करते है. ऐसी ढेरो शिकायते सामने आ रही है. जिला प्रशासन की बैठक में हिन्दू उत्सव समिति ने अवैध मीट की दुकानों को बंद करने की भी मांग की. उन्होंने कहा की गणेशोत्सव और जैन धर्म के पर्यूषण पर्व पर मीट दुकानों को बंद किया जाना चाहिए. हालाँकि समिति की मांगो पर जिला प्रशासन की और से कोई आश्वासन नही दिया गया.

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?