अगर आप इस उम्मीद में है कि एक बार कोरोना का टीका लगने से ये बीमारी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। तो ये गलत है। दरअसल, सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंड़िया के सीईओ अदार पूनावाला का कहना है कि अगले 20 सालों तक के लिए COVID-19 की दवा की जरूरत होगी।

बिजनेस टुडे से बातचीत में पूनावाला ने कहा कि इतिहास में एक भी ऐसा उदाहरण नहीं है, जब किसी वैक्सीन को बंद किया गया हो। उन्होंने कहा कि लगातार कई सालों से फ्लू, निमोनिया, खसरा और पोलियो तक दवाएं चली आ रही हैं। इनमें से किसी को भी बंद नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा ही कोरोना वैक्सीन के साथ भी है।

पूनावाला ने कहा कि यदि कोरोना वैक्सीन का 100 पर्सेंट लेवल हासिल कर लिया जाता है, तब भी भविष्य में इसकी जरूरत पड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि वैक्सीन असली हल नहीं है। यह आपकी इम्युनिटी को बूस्ट करती है और आपकी रक्षा करती है। इससे बीमारी का रिस्क कम हो जाता है, लेकिन आप इससे 100 फीसदी नहीं बच सकते।

उन्होने कहा, अब यदि हम बात करें कि हम जनसंख्या के एक हिस्से तक वैक्सीन देंगे तो यह पर्याप्त नहीं होगा। यहां तक कि 100 फीसदी टीकाकरण के बाद भी भविष्य में इस दवा की जरूरत रहेगी। खसरा के टीके का उदाहरण देते हुए पूनावाला ने कहा कि यह 95 फीसदी कारगर है और सबसे सफल दवाओं में से एक है। लेकिन इसके बाद भी नवजात शिशुओं को यह दवा दी जाती है।

उन्होने बताया, सीरम इंस्टीट्यूट 2021-22 के अंत तक दुनियाभर के लिए कुल पांच अलग-अलग कोविड-19 टीके का करीब 1 अरब डोज तैयार करेगा। पूनावाला ने बताया, ‘हमारी योजना हर तिमाही में एक टीका लॉन्च करने की है। इसकी शुरुआत Covishield से होगी जो शायद अगले साल आ जाए। इसका लाइसेंस हमें AstraZeneca से मिला है।’

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