भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को राजस्थान के दौसा आईपीएस अधिकारी रहे मनीष अग्रवाल को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार कर लिया। मनीष अग्रवाल (IPS Manish Aggarwal) पर दलाल के माध्यम से 38 लाख रुपए की रिश्वत (Bribe) मांगने का आरोप था।

ब्यूरो ने पिछले महीने ही दौसा में एक पेट्रोल पंप मालिक नीरज मीणा को गिरफ्तार किया था, जिसने मनीष अग्रवाल के नाम से राजमार्ग बनाने वाली कंपनी से वसूली की थी। उस वक्त मीणा के साथ दो आरएएस (राजस्थान प्रशासनिक सेवा) के अधिकारियो की भी 13 जनवरी को गिरफ्तारी हुई थी।

मामले में एसीबी ने एसपी के एक माेबाइल और दलाल के दाे माेबाइल काे दाे दिन पहले ही जांच के लिए एफएसएल भेजा था। इससे पहले दलाल की गिरफ्तारी के दाैरान उसका एक माेबाइल और एसपी का आईफाेन भेजा गया था। WhatsApp कॉलिंग और चैटिंग से राज खुलने के बाद पूरे मामले का सच सामने आ गया। एसीबी अब आगे की कारवाई करेगी।

इससे पहले एसीबी ने बारां जिले के जिला कलेक्टर इंदर सिंह राव को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया था। बारां कलेक्टर के PA महावीर नागर द्वारा 1.40 लाख की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार होने पर ये मामला खुला था।

मामले में 9 दिसंबर को कोटा की एक एसीबी टीम ने इंद्र सिंह राव के पीए महावीर प्रसाद नागर को 1.40 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान, नागर ने खुलासा किया कि उसने यह पैसा जिला कलेक्टर की ओर से पेट्रोल पंप के लिए जारी किए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र के बदले में लिए थे। तब एसीबी ने राव के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।

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