Wednesday, January 19, 2022

जेएनयू हिंसा को लेकर स्टिंग में बड़ा खुलासा, ABVP कार्यकर्ताओं ने दिया हिंसा को अंजाम

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जेएनयू हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस ने 9 संदिग्धों के नाम बताए हैं। जिनमे लेफ्ट छात्रों का हाथ बताया जा रहा है। इसी बीच एक टीवी चेनल का स्टिंग सामने आया है। जिसमे ABVP कार्यकर्ताओं ने इस हिंसा को अंजाम देने की बात कैमरे पर कबूली है।

शुक्रवार को इंडिया टुडे टीवी पर एक स्टिंग ऑपरेशन का प्रसारण किया गया, जिसमें दो एबीवीपी कार्यकर्ता यह बात स्वीकार कर रहे हैं कि जेएनयू हिंसा में उनकी भूमिका थी। चैनल के स्टिंग ‘ऑपरेशन जेएनयू’ में एक छात्र अक्षत अवस्थी ने कहा कि साबरमती हॉस्टल पर एबीवीपी के छात्रों ने ही हमला किया था। उसने कहा कि एबीवीपी के बड़े नेता से फोन पर बात की गई थी। बाहर से 20 लोगों को बुलाया गया था। उसने कहा कि पेरियार हॉस्टल पर हमले के विरोध में ये हमला किया गया था।

जब अक्षत से रिपोर्टर ने पूछा, एबीवीपी को मुंह ढकने का आइडिया कहां से आया तो उसने कहा, लेफ्ट वालों से, वे मुंह ढक कर आते हैं। उसने कहा कि स्ट्रीट लाइट पुलिस ने बंद की थी। उसने कहा कि पुलिस ने हमारी मदद की। पुलिस बाहर नहीं अंदर ही मौजूद थी।  वहीं, दूसरे छात्र रोहित शाह ने भी इसी तरह का कबूलनामा किया। उसने कहा कि कि हेलमेट मेरा ही था। अक्षत अवस्थी ने पहचान छुपाने के लिए हेलमेट पहना था। एबीवीपी ने जो किया उसपर मुझे गर्व है।

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत 9 लोगों पर हिंसा करने का आरोप लगाया था। जिन लोगों की पुलिस द्वारा पहचान की गई, उनमें से अधिकतर वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्र हैं। पुलिस ने इस दौरान हिंसा से जुड़ी कुछ तस्वीरें भी मीडिया को दिखायीं।

कथित एबीवीपी कार्यकर्ता ने बताया कि “उसने एक दोस्त को फोन किया, जो कि एबीवीपी का संगठन सचिव है। उसने बताया कि उसे एक दाढ़ी वाला व्यक्ति मिला, जो कि देखने में कश्मीरी लग रहा था। मैंने उसे पीटा और फिर पैर मारकर दरवाजा तोड़ दिया।”

लेफ्ट छात्रा का भी स्टिंग 

स्टिंग में लेफ्ट छात्रों को भी दिखाया गया है जो कह रहे हैं कि सर्वर रूम में उन्होंने गड़बड़ी की थी। आइसा से जुड़ी छात्रा गीता कुमारी कहती दिख रही है- ‘हमारी वीसी हर काम ऑनलाइन करता है, लव लेटर ऑनलाइन भेजता है, हैप्पी न्यू ईयर ऑनलाइन भेजता है, धमकी ऑनलाइन देता है, न एक्जाम करवाता है न ही मिलने आता है। तो हमने सोचा अब अति हो गई है। इसका सर्वर ही बंद कर देते हैं, प्रशासन ही काम नहीं कर पाएगा।’

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