मंत्रियों का इस्तीफ़ा – मोदी सरकार का कुबूलनामा है की वो फेल हो गयी है

2:02 pm Published by:-Hindi News

नई दिल्ली | रविवार को प्रधानमंत्री मोदी अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने वाले है. खबर है की इस विस्तार में 10 मंत्रियो को शपथ दिलाई जा सकती है वही 8 मंत्रियो के विभाग बदले जा सकते है. मंत्रिमंडल विस्तार से पहले ही कई मंत्रियो ने इस्तीफे दे दिया है. इनमे स्किल डेवलपमेंट मंत्री राजीव प्रताप रुढी और कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान का नाम शामिल है. वही कलराज मिश्र और बंडारू दत्तात्रेय ने भी शुक्रवार शाम को इस्तीफा दे दिया.

मोदी सरकार के तीसरे मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मशहूर पत्रकार अभिसार शर्मा ने उन पर निशाना साधा है. उन्होंने इस मंत्रिमंडल को सरकार की नाकामयाबी से जोड़ते हुए कहा की यह सामान्य कैबिनेट फेरबदल नही है. इस सरकार में कुछ भी सामान्य हो कैसे सकता है? हर मौका जश्न और हर घटना एक पर्व. जिन लोगो ने इस्तीफा दिया है या जो इस्तीफा दे सकते है , वह एक तरह से मोदी सरकार का कबूलनामा है की वह तीन साल में नाकाम साबित हुई है.

इनमे स्किल डेवलपमेंट राजीव प्रताप रुढी इस्तीफा दे चुके है जबकि गंगा सफाई और जल संसाधन मंत्री उमा भारती और रेल मंत्री सुरेश प्रभु इस्तीफा दे सकते है. ये तीनो ही विभाग प्रधानमंत्री मोदी के सबसे महत्वाकांक्षी विभाग है. और यह बदलाव तीन साल बाद यानी के आपके कार्यकाल का आधे से ज्यादा वक्त निकल गया और अब आपको इन मंत्रालयों को चलाने वाले चेहरे पर एतबार नही रहा. रेल मंत्रालय की तो और भी लगी हुई है.

अभिसार ने आगे कहा की रेल मंत्रालय में तीन साल में दो मंत्री आ चुके है और हालात फिर भी नही सुधरे. जबकि मोदी जी को सुरेश प्रभु से काफी उम्मीदे थे. मगर नतीजा आपके सामने है. खुद सुरेश प्रभु भी काफी हताश है और अपने इस्तीफे की पेशकश कर चुके है. नकी हालत उस मासूम बालक की तरह है, जो जंगल में फँस गया है, और उसको कुछ समझ नहीं आ रहा है… कुछ यही हाल राजीव प्रताप रुढी का है.

अभिसार शर्मा ने स्किल इंडिया जैसे मोदी के नारे पर कहा की उन्होंने बड़ा नारा दिया eथा लेकिन क्या हुआ? सरकार 2022 तक पचास करोड़ लोगो को प्रशिक्षित किया जाएगा. लेकिन इसे इसी साल जून में तिलांजली दे दी गयी. खुद रुढी का कहना था की मंत्रालय नौकरी देने नही बल्कि ट्रेनिंग देकर नौकरी लायक बनाने पर ध्यान दे रहा है. लेकिन वह भी यह नही बता सकते की जिन 11.7 मिलियन लोगो को प्रशिक्षित किया गया उनमे से कितनो को नौकरी मिली.

गंगा सफाई पर बात करते हुए अभिसार ने कहा की नमामि गंगे मोदी जी के दिल की करीबी योजना थी. वह खुद भी ऐसा कहते थे. उनका कहना था की माँ गंगे ने मुझे बुलाया है मगर माँ गंगा की सफाई में कोई भी सफलता मिलती नही दिख रही है. खुद राष्ट्रिय ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने स्वच्छ गंगा योजना को विफल करार दिया था और इस मामले में केंद्र और यूपी सरकार को फटकार लगाई थी.

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