Saturday, May 15, 2021

”सरकार बनी तो दो माह में पंजाब से नशे का खात्मा”

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दिल्ली की तरह सियासी पार्टियों का सफाया कर आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार बनाने का सपना लेकर पंजाब दौरे पर पहुंचे पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को पंथक गढ़ तरनतारन में नशे के मुद्दे को हथियार बना सियासी सेंध लगाने की कोशिश की। दिल्ली के 84 दंगे के कातिलों को किसी भी हाल में माफ नहीं करने की बात कह कर फिर से इस मुद्दे को गरमाने का भी प्रयास किया।

अपने संबोधन में केजरीवाल ने जब उपस्थित “संगत” से पूछा कि नशा कौन बेच रहा है तो जवाब मिला मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया। केजरीवाल ने कहा कि नशा बेचने वाला चाहे सत्ता के साथ क्यों न संबंध रखता हो, मजीठिया सहित सभी के विरुद्ध केस दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे बंद करने में गुरेज नहीं किया जाएगा। सरकार बनते ही दो माह के भीतर सूबे से नशे का खात्मा कर दिया जाएगा।

जिला अमृतसर व तरनतारन के एक दिवसीय कार्यक्रम के दौरान सीमावर्ती क्षेत्र पट्टी, पहुविंड, सुर सिंह व झब्बाल में नुक्कड़ सभाओं के दौरान केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में नशे से इतने नौजवान मारे गए हैं कि यह सुन व देख कर दिल दहल जाता है। माताएं अपने लाल को खो चुकी हैं। नवविवाहिता विधवा हो गई हैं। बच्चे अनाथ हो गए हैं।

पंजाब में नशा सत्ता पक्ष बेचता रहा है। पंजाब सरकार की नीति व नीयत में खोट थी, इसलिए पंजाब में घर-घर नशा पहुंच गया है। पंथक गढ़ में केजरीवाल ने 1984 के दिल्ली दंगों में मारे गए सिखों के मुद्दे को उछाला। कहा, बीते वर्ष दिल्ली सरकार का गठन हुआ था। एक साल के भीतर 1984 के दिल्ली दंगों में मारे गए लोगों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है।

उन्होंने कहा कि बादल को पत्र लिखा है, जिसमें उन्हें आग्रह किया गया है कि वह आगामी एक वर्ष तक किसानों से जबरिया कर्जा वसूल न करे। अगली सरकार आम आदमी पार्टी की बनेगी। वह तय कर लेगी कि किसानों का कर्जा कैसे माफ करना है?

उत्साहित केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी का तूफान आ रहा है। इसमें सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल “उड़” जाएंगे। इस संबोधन पर जब संगत बोले सो निहाल सतश्री अकाल के जयकारे लगाती है तो केजरीवाल उन्हें एक बार फिर यह संकेत देते हैं कि पंजाब में “राज करेगा खालसा”।

मकबूलपुरा में काले झंडे दिखाए

केजरीवाल के विरोध में मकबूलपुरा के कुछ लोगों ने उनका काली झंडी दिखाकर विरोध किया। इन लोगों का कहना था कि केजरीवाल उनके क्षेत्र को बदनाम कर रहे हैं। यहां कोई नशा नहीं बिकता। “क्षेत्र के लोगों को नशेड़ी कह कर न बुलाया जाए” के नारे भी लगाए गए। (Naidunia)

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