दिल्ली हिंसा मामले में ‘आप’ पार्षद ताहिर हुसैन गिरफ्तार, सरेंडर का आवेदन हुआ खारिज

नई दिल्ली: दिल्ली हिंसा के दौरान मारे गए आईबी अफसर की हत्या के आरोप में फरार चल रहे आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हुसैन राउज ऐवन्यू कोर्ट में आत्मसमर्पण के लिए याचिका दायर करने पहुंचे थे।

पीटीआई के अनुसार ताहिर हुसैन ने अपने वकील मुकेश कालिया के ज़रिए गुरुवार को दिल्ली की राउज़ एवेन्यू अदालत में एडिशनल चीफ़ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट विशाल पहुजा के सामने सरेंडर की अर्ज़ी दी थी। लेकिन अदालत ने उनकी अर्ज़ी ख़ारिज कर दी। अदालत ने कहा कि ये उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है।

इससे पहले आजतक से बात करते हुए ताहिर हुसैन ने कहा कि मैं पूरी तरह से बेकसूर हूं और खुद दंगा पीड़ित हूं। ताहिर हुसैन ने बताया कि वो और उनका परिवार खुद दंगाईयों से जान बचाकर भागे थे और इसके बारे में पुलिस को भी जानकारी दी गई थी।

ताहिर हुसैन ने कहा कि वह सरेंडर करने जा रहे हैं, वो उम्मीद करते हैं कि जांच निष्पक्ष होगी। 24 तारीख को मैं अपने परिवार के साथ निकला था, पुलिस वहां पर मौजूद थे और उसके बाद उस बिल्डिंग से कोई मतलब नहीं है। पुलिस ने उस बिल्डिंग को अपने कब्जे में ले लिया था, लेकिन जिस घटना की बात की जा रही है 25 तारीख की है।

भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए ताहिर हुसैन ने बताया कि हिंसा की वजह से मेरी जिंदगी तबाह हुई, क्योंकि मैं आम आदमी पार्टी का सदस्य था और नाम भी ताहिर हुसैन था इसलिए साजिश के तहत फंसाया गया। उन्होंने कहा कि हमारा पुराना साथी जो कपिल मिश्रा रहे हैं, उनका ही इसमें कोई खेल रहा है।

उन्होने कहा, मेरे खिलाफ जिस तरह साजिश रची गई, जब मैं 24 को वहां से निकल गया तो 25 तारीख की घटना में मेरा नाम कैसे आ रहा है। बता दें कि कपिल मिश्रा जब आम आदमी पार्टी में थे, तब ताहिर हुसैन उनके साथ ही काम करते थे।

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