नई दिल्ली | दिल्ली के बवाना उपचुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के बाद आम आदमी पार्टी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के हौसले काफी बुलंद नजर आ रहे है. इसलिए वो बचे हुए अपने कार्यकाल में बचे हुए विकास कार्यो को पूरा करने की लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे है. हालाँकि केजरीवाल सरकार ने कई क्षेत्रो में बेहतरीन काम किया है लेकिन फिर भी उपराज्यपाल और उनके बीच की तनातनी से दिल्ली की जनता को काफी नुक्सान झेलना पड रहा है.

यही वजह है की अब केजरीवाल सरकार उपराज्यपाल के साथ आर पार के मुड में नजर आ रही है. इस बात की बानगी बुधवार को देखने को मिली जब आम आदमी पार्टी के 45 विधायक राजभवन में जाकर बैठ गए. ये लोग करीब 7 घंटे तक राजभवन में बैठे रहे. ये लोग उपराज्यपाल से मिलने की जिद पर अड़े हुए थे लेकिन अधिकारियो ने इस बात की इजाजत नही दी. इस वजह से इन्होने यही पर डेरा डाल लिया.

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दरअसल मोहल्ला क्लिनिक से जुडी फाइल को उपराज्यपाल से पास कराने के लिए आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज बुधवार को 45 विधायको के साथ राजभवन पहुंचे. लेकिन उपराज्यपाल की और से कहा गया की उनके पास मोहल्ला क्लिनिक से जुडी कोई भी फाइल लंबित नही है. इस पर आप विधायको ने उपराज्यपाल से मिलने का समय मांग जो उनको नही दिया गया. बाद में राजभवन में पुलिस भी बुला ली गयी और जहाँ पर सभी विधायक बैठे थे वहां की लाइट भी काट दी गयी.

राजभवन की और से कहा गया की केवल सौरभ भारद्वाज और चार और विधयाको को उपराज्यपाल से मिलने का समय दिया गया था. लेकिन वो 45 विधयाको के साथ पहुंचे इसलिए उन्हें मिलने नही दिया गया. राजभवन के इस व्यव्हार पर केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ‘ये 2 करोड़ दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य का मामला है. इस पर राजनीति न हो और उप-राज्यपाल मोहल्ला क्लीनिक से जुड़ी फ़ाइलों को जल्द से जल्द मंज़ूरी दें.’

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