img 20181104 wa0049 3671881 835x547 m

बरेली: आला हजरत के 100 साला उर्से रजवी की कुल की महफिल इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान पर शुरू हो गई है। इस दौरान उलेमा तकरीर कर रहे है। इसके अलावा देश-विदेश से आए जायरीनों से इस्‍लामिया मैदान पूरी तरह से भर चुका है।

उर्स-ए-रजवी के दूसरे दिन अंतर्राष्ट्रीय तहफ्फ़ुज मजहब और मसलक दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान सुब्हानी मियां ने मुसलमानों के आर्थिक और माली हालात सुधारने की बात कही। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। शरई मालदार ढाई प्रतिशत अपना माल गरीबों को अदा कर दें, तो मुसलमानों की गरीबी दूर हो जाएगी।

वहीं दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी अहसन मियां ने कहा कि मौजूदा वक्त में मुसलमानों के माली आर्थिक हालातों में सुधार होने से शिक्षा के क्षेत्र में भी बदहाली दूर होगी। वहीं दिन भर उर्स में आने वालों की लाइन लगी रही। सुबह से शुरू हुआ चादरों को जुलूस देर रात तक चलता रहा।

aala

तुर्की से आए मौलाना उस्मान करेबी एनाजी तुरबा ने कहा कि आला हजरत सुन्नियत के सच्चे अलम्बरदार थे। तुर्की में आला हजरत की लिखी गयी किताबों और मसलक-ए-आला हजरत पर रिसर्च जारी है। अमेरिका से आए मौलाना डॉ. गुलाम जरकानी ने अपनी तकरीर में कहा कि आला हजरत ने सुन्नियों के ईमान की हिफाजत की। मारीशस से आए मौलाना शमीम नूरानी, मौलाना जीशान रजा मंजरी ने कहा कि रेहान-ए-मिल्लत मुफ्ती रेहान रजा खान रहमानी मियां ने मसलक और मजहब के लिए पूरी दुनिया के दौरे किए।

साउथ अफ्रीका से आए मौलाना सय्यद अरशद इकबाल मौलाना मूसा, बांग्लादेश से मौलाना हारून रशीद, मारीशस् से मौलाना फैसल अहमद, इंग्लैंड के मुफ्ती फरोग उल कादरी, मौलाना मुख्तार बहेड़वी, मौलाना साबिर उल कादरी, दिल्ली मौलाना सिद्दीक सादिक, कारी अमीर हमजा, अब्दुर्रहमान कादरी, मुफ्ती कफील हाशमी, मुफ्ती आकिल रजवी का भी खिताब हुआ।

दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान सुब्हानी मियां ने दर्जनों किताबों का विमोचन कॉन्फ्रेंस में किया। जिसमें मुफ्ती सलीम नूरी की लिखी नुजूम-ए-हिदायत, चालीस हदीस, फतावा हामिदिया का उर्दू तर्जुमा के अलावा माहनामा आला हजरत का सदसाला स्पेशल अंक, मुफ्ती अय्यूब खान, मुफ्ती हनीफ खान आदि की लिखी बुक्स शामिल रही।

Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें