आधार में दी गई जानकारियों की सुरक्षा का मोदी सरकार का दावा गलत साबित हो रहा है. दरअसल, केंद्र और राज्य सरकार की 200 से अधिक वेबसाइटों ने लाभार्थियों के डाटा को सार्वजनिक कर दिया.

RTI के खुलासे में पता चला कि शैक्षिक संस्थानों समेत केंद्र सरकार, राज्य सरकार के विभागों की तकरीबन 210 वेबसाइटों पर लाभार्थियों के नाम, पते, अन्य जानकारियां और आधार संख्याओं को आम जनता की सूचना के लिए सार्वजनिक कर दिया गया.

इस मामले में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने कहा कि इन वेबसाइटों से जानकारियां हटवा दी हैं. हालांकि यूआईडीएआई ने अब कहा कि वह अब अपने तंत्र को उन्नत बना रहा है.

यूआईडीएआई ने कहा कि विभिन्न नीतियों और प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई है, इन्हें समय समय पर अपडेट किया गया है और यूआईडीएआई परिसरों के भीतर और बाहर, खास तौर पर डेटा केंद्रों में डेटा की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है.

इसके अलावा कहा गया कि डेटा की सुरक्षा और निजता मजबूत करने के लिए नियमित आधार पर सुरक्षा जांच की जाती है. इसके अलावा डेटा को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए हरसंभव कदम उठाए गए हैं.

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