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चंडीगढ़: पंजाब के मोहाली के रहने वाले हरबिंदर सिंह वैदवान ने देश की सुरक्षा को खतरा बताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में आरएसएस और इससे जुड़े संगठनों के खिलाफ याचिका दायर की है.

याचिका में आरएसएस और इससे जुड़े संगठनों पर प्रतिबन्ध की मांग लगाते हुए कहा कि आरएसएस के एजेंडेा के चलते पंजाब में किसानों के साथ लूट हो रही है. आरएसएस को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित कर इसे और इससे संबंधित संगठनों को बैन किया जाना चाहिए.

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पंजाब के कंसोलिडेशन एक्ट को संशोधित कर इसमें सेक्शन 42 ए शामिल किया गया है, जो गलत है. यह सीधे आरएसएस की सोच का नतीजा है. आरएसएस मनु स्मृति का अनुसरण करता है, जो वर्ण व्यवस्था का समर्थन करने वाली है. संविधान निर्माताओं ने इस व्यवस्था को देशहित के लिए खतरा मानते हुए संविधान में शामिल करने से इनकार कर दिया था.

कंसोलिडेशन एक्ट में संशोधन के तहत जमीन को शामलात भूमि घोषित करने संबंधित परिवर्तन शिअद-भाजपा सरकार ने किए थे. इसके स्थान पर जमीन को गरीब परिवारों को दे दिया जाना चाहिए जिससे समाज का पिछड़ा तबका अपने रहने खाने का इंतजाम कर सके.

इसके खिलाफ विचारधारा होना अपने आप में ही देश के लिए खतरा है. याची ने हाईकोर्ट के सामने दलील देते हुए कहा कि यदि इसे नहीं रोका गया तो जो यूपी और गुजरात में हुआ, वही पंजाब में भी दोहराया जाएगा.

सिखों और मुस्लिमों के साथ क्या होगा, यह बताने की जरूरत नहीं है क्योंकि आरएसएस हिंदू राष्ट्र की बात करता है. याची ने कहा कि किसी को अपने धर्म को प्रचारित करने का अधिकार है, लेकिन किसी और धर्म के मर्दन की भावना रखने को संविधान अनुमति नहीं देता है.

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