केंद्र में मोदी सरकार के आने के साथ ही गाय के नाम पर हिंसा में बेतहाशा वृद्धि हुई. इनमे सबसे ज्यादा मुस्लिमों को निशाना बनाया गया है.

डाटा वेबसाइट इंडिया स्पेंड की रिपोर्ट के अनुसार साल 2010 से 2017 के बीच गोवंश को लेकर हुई हिंसा में 57 प्रतिशत पीड़ित मुसलमान थे. वहीँ इस तरह की हिंसा में  मरने वाले 86 प्रतिशत मुसलमान थे. मोदी राज आने के साथ ही इस तरह की हिंसा के 97 प्रतिशत मामले केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद हुए हैं.

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इस दौरान गोवंश से जुड़ी हिंसा के मामलों में मारे गए 28 लोगों में से 24 मुसलमान (करीब 86 प्रतिशत) थे. इन घटनाओं में 124 लोग घायल हुए थे. गाय से जुड़ी हिंसा के आधे से ज्यादा मामले (करीब 52 प्रतिशत) झूठी अफवाहों की वजह से हुए थे.

गाय से जुड़ी हिंसा के 63 मामलों में 32 बीजेपी शासित प्रदेशों में दर्ज किए गए. आठ मामले कांग्रेस शासित प्रदेशों में हुए. बाकी मामले दूसरी पार्टियों द्वारा शासित प्रदेशों में हुए.

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