Monday, January 24, 2022

6 महीने में सरकारी बैंकों में हुए 95,700 करोड़ रुपए के फ्रॉड: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

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नई दिल्ली. सरकारी बैंकों में चालू वित्त वर्ष 2019-20 के पहले 6 माह में 13.34 बिलियन डॉलर (95 हजार करोड़ रुपए) का फ्रॉड हुआ है। यह जानकारी मंगलवार को संसद को दी गई।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरबीआई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए राज्यसभा में कहा, ‘सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 1 अप्रैल 2019 से 30 सितंबर 2019 की अवधि में 95,760.49 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 5,743 मामले हुए।’

इसके साथ ही निर्मला सीतारमण ने ये भी कहा कि 3 लाख से अधिक निष्क्रिय कंपनियों के बैंक खातों पर रोक लगा दी गई है। वित्त मंत्री के मुताबिक बैंकों में धोखाधड़ी की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक उपाय किए गए हैं। इसी के तहत 3.38 लाख निष्क्रिय कंपनियों के बैंक खातों पर रोक लगाई गई है।

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इस बीच एक अन्य प्रश्न के उत्तर में, वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक के ग्राहकों के लिए निकासी सीमा को बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिए जाने के बाद बैंक के 78 प्रतिशत जमाकर्ता अपने खाते की पूरी राशि निकाल सकेंगे। पीएमसी बैंक के 23 सितंबर, 2019 को (आरबीआई निर्देश लागू होने के दिन), पीएमसी बैंक के कुल खाताधारकों की संख्या 9,15,775 थी।

निर्मला सीतारमण का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पीएसयू या निजी बैंकों पर एनपीए का बोझ बढ़ गया है। दूसरी तिमाही में इंडसइंड बैंक को मुनाफे के बावजूद नॉन परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए)  बढ़ा है। इंडसइंड बैंक के आंकड़े बताते हैं कि 30 सितंबर, 2019 तक बैंक का एनपीए कुल कर्ज का 2.19 फीसदी है।

एक साल पहले इसी अवधि में एनपीए 1.09 फीसदी था। इसका मतलब यह हुआ कि बैंक के एनपीए में  1.11 फीसदी का इजाफा हुआ है। वहीं कोटक बैंक के भी नॉन परफॉर्मिंग एसेट यानी एनपीए में बढ़ोतरी हुई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक एनपीए 2.17 फीसदी पर है जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 1.91 फीसदी था। इसी तरह कर्नाटक बैंक का एनपीए उसके कुल कर्ज का 4.78 फीसदी रहा जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 4.66 फीसदी था।

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