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मध्यप्रदेश के मंदसौर मे आठ साल की लड़की से बलात्कार के मामले मे गिरफ्तार आरोपी के मुस्लिम होने के चलते अब पूरे समुदाय को बदनाम करने की घिनोनी साजिश हो रही है। इसके लिए बाकायदा फर्जी आकडे जारी किए जा रहे है।

सोशल मीडिया पर 2018 के रेप के फर्जी आकडे जारी किए गए। जिनमे दावा किया गया कि 2016-2018 में भारत में रेप के जितने मामले रिपोर्ट हुए उनमें से 95 फीसदी मामलों में आरोपी मुस्लिम समुदाय से थे। इन फर्जी आकड़ों को महेश विक्रम हेगड़े ने जारी किया है। जिसे खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी फॉलो करते हैं।

हेगड़े पोस्टकार्ड न्यूज नाम की वेबसाइट का सह संस्थापक है और फेक न्यूज के मामले में मार्च 2018 में जेल जा चुका है। उसने ट्वीट के जरिए दावा किया है कि 2016-2018 में भारत में 84,734 रेप के मामले दर्ज हुए और इनमें 81,000 मामलों में आरोपी मुस्लिम समुदाय से थे। साथ ही पीड़ित महिलाओं में 96 फीसदी गैर मुस्लिम थीं। साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि देश में मुस्लिम समुदाय को उतना खतरा नहीं जितना हिंदुओं को है। हालांकि उसने अब ये ट्वीट डिलीट कर दिया।

हकीकत: 

बता दे कि देश मे इस तरह के अपराधों के आकड़ों का संग्रह केवल राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड्स ब्यूरो ही करता है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड्स ब्यूरो की वेबसाइट पर केवल 2016 तक के ही आंकड़े उपलब्ध हैं। ब्यूरो की साइट पर धर्म के आधार पर किसी अपराध के आंकड़े नहीं रखे जाते हैं। ऐसे आकडे केवल पीड़ितों की उम्र के आधार पर और क्या आरोपी पीड़ितों के पहले से परिचित थे? के तौर पर है। वहीं पीड़ित महिलाओं का आंकड़ा अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति के आधार पर तो उपलब्ध तो है लेकिन धर्म के आधार पर नहीं है।

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ऐसे मे स्पष्ट है कि ये सब कुछ सुनियोजित तरीके से देश के बहुसंख्यक हिन्दू समाज को मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भड़काने की कोशिश कि जा रही है। ताकि उनके दिलों मे मुस्लिमों के खिलाफ घृणा पैदा हो और वे डर का अनुभव करे।

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