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आम जनता को प्रदूषण से बचाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने दिवाली पर पटाखे जलाने पर पूरी तरह से रोक लगाई थी।बावजूद दिल्ली और एनसीआर में आदेश का उल्लंघन कर लोगों ने देर रात तक पटाखे जलाए जिससे वायु की गुणवत्ता सामान्य से 9 गुना ज्यादा खराब हो गई।

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, दिल्ली और एनसीआर की वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बुधवार को रात आठ से नौ बजे के दौरान 150-160 दर्ज किया गया। उसके बाद इसमें धीरे-धीरे गिरावट आई और तड़के सुबह तीन बजे सूचकांक का स्तर 250 (गंभीर श्रेणी) को पार कर गया। एक्यूआई सुबह छह बजे में 300 (अत्यंत गंभीर श्रेणी) को पार कर गया। एक्यूआई सूचकांक में गिरावट पटाखे जलाने के कारण आई।

सीएसई के पास दिल्ली और एनसीआर में पटाखे जलाने का कोई आंकड़ा होने के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने बताया, इस बार सीएसई सही मायने में पटाखों पर ज्यादा गौर नहीं कर रहा है लेकिन प्रदूषण का स्तर दिल्ली-एनसीआर में 24 घंटे के भीरत मानक स्तर (60) से 6.5 गुना ज्यादा था।

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बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने पटाखों की बिक्री और उसके इस्तेमाल के लिए सख्त आदेश दिए जारी किए थे।हालांकि कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने के 550 से अधिक मामले दर्ज किए गए और 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा विभिन्न इलाकों से 2776 किलो पटाखे भी जब्त किए।

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