हैदराबाद | हैदराबाद में एक 19 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्रा की गर्भपात के दौरान मौत का मामला सामने आया है. पुलिस के अनुसार छात्रा 7 महीने की गर्भवती थी इसलिए गर्भपात के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होने से उसकी मौत हो गयी. मामले में छात्रा के बॉयफ्रेंड और गर्भपात कराने वाली डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है. चौकाने वाली बात यह है की लड़की के गर्भवती होने या गर्भपात कराने की कोई भी जानकारी उसके परिजनों को नही थी.

हैदराबाद पुलिस ने सोमवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया की लड़की इब्राहिमपतनम में इंजीनियरिंग कॉलेज में सेकंड ईयर की स्टूडेंट थी. लड़की डीएन रेड्डी नगर में एक प्राइवेट हॉस्टल में रहती थी. 5 अगस्त को लड़की गर्भपात कराने अपने बॉयफ्रेंड मधु एस के साथ अनुषा मैटरनिटी हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम पहुंची. यहाँ उसकी मुलाकात डॉक्टर गिरिजा रानी से हुई. जो 20 हजार रूपए लेकर गर्भपात कराने के लिए मान गयी. लडकी को एक गोली खिलाकर भर्ती किया और बाद में गर्भपात कर दिया गया.

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वनस्थलीपुरम पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर धरावत विजय ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बात करते हुए बताया की गर्भपात के दौरान लड़की को काफी ब्लीडिंग होने से वह बेहोश हो गयी. इसलिए डॉक्टर ने लड़की के बॉयफ्रेंड से उसे किसी दुसरे अस्पताल ले जाने के लिए कहा. जहाँ लड़की को मृत घोषित कर दिया गया. मामले की जानकारी होने पर पुलिस ने लड़की के शव को ओस्मानिया अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और लड़की के परिजनों को इसकी सूचना दे दी.

लड़की के पिता की शिकायत पर पुलिस ने डॉ रानी और लड़की के बॉयफ्रेंड के खिलाफ मामला दर्ज कर दोनों को हिरासत में ले लिया. फ़िलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है की अस्पताल के पास गर्भपात कराने के लिए सर्टिफिकेट था या नही. इसके अलावा यह भी जानने की कोशिश हो रही है की गर्भपात के दौरान डॉ ने इंडियन मेडिकल काउंसिल के नियमों का उलंघन किया या नही?  इसके लिए पुलिस ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी से भी राय ली है.

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