Sunday, August 1, 2021

 

 

 

दो बार कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट, फिर भी 44 दिन से क्वारंटीन में कैद है 60 जमाती

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कोरोना के नाम पर तबलीगी जमाती मुस्लिमों को बेवजह क्वारंटीन किया हुआ है। दो बार कोरोना (COVID-19) नेगेटिव रिपोर्ट आने पर भी आगरा में करीब 60 जमाती पिछले 44 दिनों से वे क्वारंटीन हैं। और इन लोगो को अपने घरों को नहीं जाने दिया जा रहा है। इनमें से 24 जमाती ऐसे हैं जो गंभीर स्वास्थ्य बीमारियों जैसे डायबिटीज और हृदय रोगों से पीड़ित हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मार्च के आखिर में जब दिल्ली मरकज के निकले जमातियों की तलाश चली, तब इन्हें पुलिस ने ढूंढा था। इसके बाद क्वारंटीन कर दिया। ये लोग जमात से आए थे। इन्हें सिकंदरा के एक स्कूल में क्वारंटीन कर दिया गया। उसी समय क्वारंटीन किए गए अन्य लोगों को छोड़ा जा चुका है।

ये जमाती अलीगढ़, शामली, गाजीपुर, मेवात (हरियाणा), दिल्ली, नागपुर (महाराष्ट्र) और आंध्र प्रदेश के हैं। पहले इन्हें दो जगह स्कूल और रिसॉर्ट में रखा गया था। बाद में रिसॉर्ट में रखे गए लोग भी स्कूल में ले आए गए। जमातियों का कहना है कि उनकी स्थिति जेल के कैदी जैसी है। उन्होंने स्टाफ पर बुरे बर्ताव का आरोप भी लगाया। जो जमाती स्वास्थ्य परेशानियों से जूझ रहे हैं उन्हें दवाइयां न मिलने का आरोप लगाया। कुछ ने कहा कि प्रशासन उन्हें बिना किसी वजह से टारगेट कर रहा है।

एडीएम प्रभाकांत अवस्थी ने बताया, ‘ये तबलीगी जमात के लोग अपराध में शामिल हैं। उन्हें पुलिस से इजाजत मिलने के बाद ही छोड़ा जाएगा। हालांकि पुलिस का कहना है कि उनके खिलाफ कोई अपराध दर्ज नहीं है।’ सिकंदरा थाने के एसएचओ अरविंद कुमार ने कहा, ‘उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं है। लॉकडाउन के बाद उन्हें जिले में घूमने की इजाजत नहीं थी। राज्य सरकार और प्रशासन उनकी रिहाई तय करेगा।’

सेंटर में मौजूद गाजीपुर के एक बिजनसमैन ने बताया, ‘तबलीगी जमात के स्थानीय नेताओं ने खुद ही पुलिस को हमारे बारे में बताया था। हमने यहां 31 मार्च को लाया गया। स्थानीय अथॉरिटी ने बताया कि सैंपल टेस्ट के बाद जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आएगी उन्हें छोड़ दिया जाएगा। एक अप्रैल को हमारा सैंपल लिया गया और सभी की रिपोर्ट 3 अप्रैल को नेगेटिव आई।’

उन्होंने बताया, ‘अगले दिन हमें 14 दिन के क्वारंटीन पीरियड के बारे में बताया गया। 14 दिन बाद हमारे दोबारा से सैंपल लिए गए और 18 अप्रैल को रिपोर्ट नेगेटिव आई। तब से हम कई बार अधिकारियों से घर जाने की अपील कर चुके हैं लेकिन वे हमेशा हमारे साथ दुर्व्यवहार करते हैं।’ एक बुजुर्ग ने कहा, ‘मैं दिल का मरीज हूं। इसके अलावा 20 लोगों को हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की समस्या है। फिर भी हमें जरूरी दवाएं नहीं मिल रही है। खाने की क्वॉलिटी भी खराब है। अगर हमें नहीं छोड़ा गया तो हम जल्द ही मर जाएंगे।’

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