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बुलंदशहर: यूपी के बुलंदशहर के स्याना गांव में सोमवार को हुई हिंसा के मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 4 लोग हिरासत में लिए गए हैं। पुलिस ने कुल 27 नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।इस मामले में पुलिस ने बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज को पुलिस की एफआईआर में मुख्य आरोपी बनाया गया है।

वहीं दूसरी और हिंसा के मुख्य आरोपी बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज की शिकायत पर गोकशी को लेकर दर्ज़ की गई FIR में कुल सात लोगों के नाम हैं। एक न्यूज़ चैनल की जांच में सामने आया कि सात में से छह नाम बोगस हैं। इसके अलावा सात में से दो नाबालिग बच्चे हैं।

FIR में जिस शराफत का नाम है। वह पिछले 10 साल से गांव में रहते ही नहीं हैं। वह फरीदाबाद में रहते हैं और कई सालों से गांव भी नहीं आए। बाकी तीन नाम सुदैफ, इलियास और परवेज इस गांव के हैं ही नहीं। न तो इनका यहां घर और न ही जमीन। गांव वालों ने इनका नाम पहले नहीं सुना। आखिरी नाम बचा सर्फुद्दीन का वह पुलिस थाने गए हैं वो गांव के ही हैं।

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साथ ही दो नाम हैं साजिद और अनस के है और ये दोनों नाबालिग है। पुलिस जांच में पता चला कि साजिद 11 साल का है और अनस 12 साल का। अब साजिद के पिता यासीन परेशान हैं। यासीन का कहना है कि साजिद उनका बेटा है और अनस उनका भतीजा है। पुलिस ने आज कई घंटों तक यासीन को दोनों बच्चों के साथ थाने में बिठाए रखा। पु

लिस का कहना है कि ये FIR भीड़ को चौकी के सामने से हटाने के लिए लिखी गई थी। अब ऐसे में यह बात साफ है कि योगेश राज ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने के लिए झूठे नाम दिए।

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