आगरा | उत्तर प्रदेश में चल रही बोर्ड परीक्षाओ में धडल्ले से नक़ल चल रही है. नक़ल माफियाओ ने सांठ गाँठ कर पुरे परीक्षा केन्द्रों को ही अपने कब्जे में लिया हुआ है. इस मामले में कुछ अधिकारियो की भी मिली भगत बतायी जा रही है. लेकिन जैसे ही यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में आया उन्होंने तुरंत सख्ती दिखाते हुए सभी अधिकारियो को आदेश दिया की सूबे में नक़ल विहीन परीक्षा कराई जाए.

इसके लिए योगी ने कुछ सख्त फैसले भी लिए है. उन्होंने सूबे के 54 परीक्षा केन्द्रों को रद्द करने का आदेश दिया है जबकि 57 परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा को रोकने के आदेश दिए है. इसके अलावा 7 जिलो के अधिकारियो को नोटिस भी जारी किया गया है. मुख्यमंत्री की सख्ती का असर भी दिखना शुरू हो गया है. अकेले आगरा जिले में करीब 42 हजार छात्र छात्राओं ने बीच में ही परीक्षा छोड़ दी है.

मिली जानकारी के अनुसार नक़ल पर नकेल कसते ही जिले के 42 हजार छात्र छात्राओं ने परीक्षा ही नही दी है. माना जा रहा है की सख्ती के बाद लगभग सभी परीक्षा केन्द्रों पर अधिकारी दबिश डाल रहे है और नकलचियो की धर पकड़ की जा रही है. इससे ऐसे छात्र छात्राओ में दहशत है जिन्होंने नक़ल माफियो को पैसे देकर नक़ल करने की छूट प्राप्त की हुई थी.

उधर नकल माफियो पर लगाम कसने के लिए 27 परीक्षा केन्द्रों के केंद्र व्यवस्थापक बदल दिए गए है. वही 7 परीक्षा केन्द्रों को प्रतिबंधित करने की संस्तुति की गयी है. 11 केंद्र व्यवस्थापको के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है जबकि खुद डीआईओएस नक़ल दस्तो के साथ परीक्षा केन्द्रों पर छापेमारी कर रहे है. बुधवार तक 24 नकलची पकडे जा चुके है.

वही एक परीक्षा केंद्र पर नक़ल माफियाओं का इतना दबाव था की हाई स्कूल की दूसरी पाली की परीक्षा को पहली पाली में करा दिया गया. इससे पेपर आउट हो गया. जानकारी मिलने पर डीआईओएस ने केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर परीक्षा केंद्र को रद्द कर परीक्षा को निरस्त कर दिया गया.

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