बौध्द चरमपंथियों से अपनी जान बचाकर म्यांमार से भारत पहुंचे रोहिंग्या मुसलमानों के लिए भारत में बड़ी मुसीबात सामने आने वाली है.

भारत सरकार ने देश से 40000 रोहिंग्या मुसलमानों को निकालने के लिए प्रयास तेज़ कर दिये हैं. आने वाले समय में भारत में अवैध रूप से म्यांमार से आए रोहिंग्या को सतत प्रक्रिया के तहत धीरे-धीरे वापस भेजा जाएगा.

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गृह मंत्रालय विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 3(2) के तहत अवैध विदेशी नागरिकों का पता लगाने और उन्हें वापस भेजने के लिए मिले अधिकार के आधार पर उन्हें भेजने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है. राज्य सरकारों और वहां के प्रशासन को भी रोहिंग्या सहित अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करने उन्हें रोकने और उन्हें वह वापस भेजने की शक्तियां दी गई हैं.

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के.एस. धतवालिया ने कहा कि म्यांमार और बांग्लादेश के अधिकारियों से इस बारे में चर्चा जारी है कि रोहिग्या मुसलमानों को भारत से बाहर निकालने के लिए आपस में कोई सहमति बने. हालांकि एमनेस्टी इंटरनैश्नल ने भारत के निर्णय को अंतरात्मा के विरुद्ध फैसला बताया है.

भारत में ज्यादातर रोहिंग्या मुसलमान इस वक्त जम्मू कश्मीर, हैदराबाद, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में रहते हैं. गृह मंत्रालय के आकड़ों के अनुसार 40 हजार रोहिंग्या अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं.

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