मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़े मामलों में 40 अभियुक्त बरी, गवाहों को तोड़ने का आरोप

10:15 am Published by:-Hindi News

मुज़फ़्फ़रनगर दं’गों से जुड़े ह’त्या के 41 मामलों के 40 अभियुक्तों को छोड़ दिया गया है। ये सभी साल 2017 से 2019 के बीच ह’त्या के 10 मुकदमों में बरी किए गए।

दरअसल, कई गवाह अदालत में अपने बयान से मुकर गए। जैसे पांच गवाह इस बात से मुकर गए कि वो अपने रिश्तेदार की ह’त्या के समय मौक़े पर मौजूद थे। छह गवाहों ने कहा कि पुलिस ने उनसे ख़ाली पन्नों पर जबरन साइन कराए थे। वहीं, पुलिस को पांच मामलों में ह’त्या में इस्तेमाल हुआ हथि’यार नहीं मिल पाया।

दंगे के सभी मामले अखिलेश यादव की सरकार में दर्ज किए गए। इन मामलों की सुनवाई अखिलेश सरकार के साथ ही भाजपा सरकार में भी हुई। 2017 के बाद से मुज़फ़्फ़रनगर कोर्ट 41 मामलों पर फ़ैसले सुना चुकी है और सिर्फ़ एक ही मामले में सज़ा दी गयी। बाकि सभी 40 मामले मुसलमानों पर हम’ले से जुड़े हैं।

इस साल 8 फरवरी को अदालत ने सात आरोपियों मुजम्मिल, मुजस्सिम, फुरकान, नदीम, जहांगीर, अफजल और इकबाल को उम्रकैद की सजा सुनाई। इन लोगों पर 27 अगस्त 2013 को कावल गांव के गौरव और सचिन की ह’त्या का आरोप था।

वहीं यूपी सरकार का कहना है कि वह इन मामलों में अपील नहीं करेगी। सरकारी वकील दुष्यंत त्यागी का कहना है, ‘ हम साल 2013 मुजफ्फरनगर दंगे मामले में कोई अपील नहीं करने जा रहे है। इन मामलों में सभी मुख्य गवाह अपने बयान से मुकर गए थे। इन मामलों में आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र गवाहों के बयान पर ही दर्ज किए गए थे।’

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