Sunday, January 23, 2022

इतिहासकर इरफान हबीब सहित 40 बुद्धिजीवी अयोध्या फैसले के खिलाफ पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

- Advertisement -

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए 9 नवंबर के फैसले पर अब मानवाधिकार कार्यकर्ताओं सहित 40 बुद्धिजीवियों ने सुप्रीम कोर्ट में पुर्निवचार याचिका दायर की है।

इतिहासकार इरफान हबीब, अर्थशास्त्री एवं राजनीतिक विश्लेषक प्रभात पटनायक, मानवाधिकार कार्यकर्ता हर्ष मंदर, नंदिनी सुंदर, जॉन दयाल आदि ने अपनी याचिका में कहा कि फैसले में तथ्यात्मक एवं कानूनी त्रुटियां हैं। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि वे कोर्ट के फैसले से बहुत आहत हैं। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने पुर्निवचार याचिका दायर की है।

दूसरी और हिंदू महासभा ने भी सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है। हिंदू महासभा ने अपनी याचिका में कोर्ट से मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन देने के अपने आदेश पर फिर से विचार करने की अपील की है। हिंदू महासभा ने वकील विष्णु शंकर जैन और हरिशंकर जैन के जरिये अपनी याचिका दाखिल की।

याचिका में कहा गया कि जब ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि अयोध्या के विवादित स्थल पर मस्जिद थी तो फैसले के उस हिस्से से ‘मस्जिद’ शब्द को हटाया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि जब मुस्लिम पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा है कि विवादित ढांचा मस्जिद थी, ऐसे में मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए वैकल्पिक जगह देना धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है और यह सांविधानिक सिद्धांतों के खिलाफ है। राज्य को मस्जिद बनाने के लिए जमीन देने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।

महासभा ने अपनी याचिका में यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को अपनी उस टिप्पणी को स्पष्ट करना चाहिए, जिसमें उसने कहा था कि उसके फैसले का असर बाबरी विध्वंस मामले की चल रही सुनवाई पर नहीं पड़ना चाहिए।

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles