सिर्फ विजय माल्या, नीरव मोदी ही नहीं 36 बिजनेसमैन देश हुए फरार: ईडी

11:31 am Published by:-Hindi News

अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर मामले में गिरफ्तार कथित रक्षा एजेंट सुशेन मोहन गुप्ता द्वारा दायर जमानत याचिका का विरोध करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि उसके भी उन 36 कारोबारियों की तरह देश से फरार होने की संभावना है जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।

प्रवर्तन निदेशालय ने विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार को बताया कि विजय माल्या और नीरव मोदी सहित 36 बिजनेसमैन हाल के दिनों में देश से भाग चुके हैं। जांच एजेंसी के विशेष सरकारी वकील डीपी सिंह और एनके मट्ट ने सुषेन मोहन के इस दावे को खारिज किया कि वे काफी सामाजिक आदमी हैं और कहा, ‘माल्या, ललित मोदी, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और संदेसरा ब्रदर्स (स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड के प्रमोटर्स) की भी समाज में काफी जान-पहचान थी। इसके बावजूद वे देश छोड़कर भाग गए। ऐसे 36 कारोबारी हैं जो पिछले कुछ वर्षों में देश से भाग गए।

जिरह के दौरान ईडी की अधिवक्ता संवेदना वर्मा ने अदालत को बताया की मामले की जांच अहम चरण में है और एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि “आरजी” कौन है जिसका संदर्भ सुशेन की डायरी में है। वर्मा ने गुप्ता पर मामले के गवाहों को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए अदालत को बताया कि उसने मामले में साक्ष्यों को नष्ट करने की भी कोशिश की। अदालत ने गुप्ता की जमानत याचिका पर फैसला 20 अप्रैल तक के लिये सुरक्षित रख लिया।

सुषेन मोहन ने इस आधार पर राहत मांगी है कि एजेंसी ने पहले ही जांच पूरी कर ली है और मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है. मोहन को एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया था। ईडी के अधिकारियों ने कहा कि मामले में सुषेन मोहन की भूमिका राजीव सक्सेना द्वारा किए गए खुलासे के आधार पर सामने आई। सक्सेना को यूएई से निकाले जाने और एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद इस मामले में साक्षी (अप्रूवर) बनाया गया है। 

ऐसा संदेह है कि 3600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील मामले में सुषेन मोहन के पास कुछ भगतान की जानकारी है।

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