नई दिल्ली | आजकल पुरे देश में गाय, गौतास्कारी, बीफ, मजहब और अन्य सम्प्रदायिक मुद्दे सुर्खियों में छाए हुए है. खासकर पिछले कुछ दिनों में इन मुद्दे ने काफी रफ़्तार पकड़ी है. जिसकी वजह से कई लोगो को अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ा है. देश के उत्तरी भाग में कथित गौरक्षक और अन्य संगठन इन मुद्दों को मजहबी रंग देकर मुस्लिम समुदाय पर लगातार हमला कर रहे है. एक आंकड़े के अनुसार मोदी सरकार बनने के बाद से मुस्लिमो पर करीब 32 हमले हो चुके है.

वही इन हमलो में करीब 23 लोगो की जान भी गयी है. मई 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद से इन हमलो में अप्रत्याशित रूप में तेजी देखी गयी है. ज्यादातर हमले गाय , बीफ, गौतस्करी जैसे मुद्दे को लेकर हुए है. बाकी अफवाहों और बच्चा चोरी जैसे मामलों में अंजाम दिए गए है. यह आंकड़े मीडिया रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद सामने आया है. हालाँकि यह समान्य आंकलन है और असल आंकड़े इससे भी ज्यादा हो सकते है.

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पिछले तीन सालो का आंकलन किया जाए तो पता चलाता है की जून 2014 से लेकर दिसम्बर 2015 के बीच मुस्लिमो पर हमले के 11 मामले सामने आये थे. इसके बाद यह आंकड़ा अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है. अगले साल जनवरी 2016 से दिसम्बर 2016 तक ये बढ़कर 16 हो गए जबकि इस साल की छह महीने की अवधि में ही अभी तक 9 मामले सामने आ चुके है. इनमे ज्यादातार मामले देश के उत्तरी राज्यों में सामने आये है.

इन आंकड़ो की चौकाने वाली बात यह है की इनमे से ज्यादातर मामले बीजेपी शासित राज्यों में घटित हुए है. जिससे स्पष्ट होता है की बीजेपी सरकार इन हमलो पर रोक लगाने में नाकामयाब रही है. यहाँ यह भी बताते चले की विपक्ष हमेशा से बीजेपी पर आरोप लगाता आया है की गौरक्षा के नाम पर जो लोग गुंडागर्दी कर रहे है उनको बीजेपी सरकार संरक्षण देने का काम कर रही है.

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