Wednesday, January 19, 2022

3 नोबेल विजेताओं का गेट्स फाउंडेशन को पत्र – मोदी को सम्मान देने का किया विरोध

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्हें बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा ग्लोबल गोलकीपर अवॉर्ड से सम्मानित किया जाना किया है। पीएम मोदी को यह अवार्ड 24 सितंबर को दिया जाएगा।

इसी बीच तीन नोबेल पुरस्कार विजेता मैरीड मेग्योर, तव्वकोल अब्देल सलाम करमान और शिरीन इबिदी ने बिल ऐंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन को चिट्ठी लिखकर उनके द्वारा पीएम मोदी को अवॉर्ड दिए जाने का विरोध किया है।

द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इन विद्वानों ने अपनी चिट्ठी में आरोप लगाया है कि मोदी के नेतृत्व में ”भारत एक बेहद खतरनाक और घातक अराजक माहौल में फंस गया है, जिसकी वजह से मानवाधिकार और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा है।” नोबेल विजेता शिरीन एबादी, तवाक्कुल अब्दील-सलाम कामरान और मैरियड मैगुअर ने गेट्स फाउंडेशन को लिखे अपने पत्र में कहा है कि ”इस कदम से उन्हें परेशानी हुई है क्योंकि फाउंडेशन का मकसद जिंदगियों का संरक्षण और असमानता से लड़ना है।”

पत्र में कहा गया है कि नरेंद्र मोदी के शासनकाल में भारत में अल्पसंख्यको खासकर मुस्लिमों, ईसाइयों और दलितों पर हमले बढ़े हैं। विद्वानों के मुताबिक, कश्मीर घाटी की हालत बेहद चिंताजनक है। उनके मुताबिक, मानवाधिकारों के उल्लंघन की वजह से कश्मीर में छोटे क्लासेज से लेकर कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे। उन्होंने असम में नैशनल रजिस्टर्स ऑफ सिटिजंस का भी जिक्र किया है। आरोप लगाया गया कि इस प्रक्रिया में 19 लाख भारतीयों से उनकी नागरिकता छीन ली गई।

पत्र में 2002 के गुजरात दंगो का ज़िक्र भी किया गया है। पत्र में कहा गया है कि भारत के अंदर और भारत के बाहर के बुद्धजीवियों ने अभी तक नरेंद्र मोदी को गुजरात के 2002 हिंसा के आरोप से मुक्त नहीं किया है। इसी कारण यूनिटेड स्टेटस ऑफ अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में प्रवेश करने पर दस वर्षो तक प्रतिबन्ध लगा रहा। जब तक कि उन्होंने भारत का प्रधानमंत्री बनकर राजनयिक प्रतिरक्षा हासिल नहीं कर ली। बतौर गुजरात के मुख्यमंत्री इस हिंसा को लेकर उनकी उनकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

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