अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में हुए बम विस्फोट के मामले में जयपुर की नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) की स्पेशल कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने इस केस में 3 को दोषी ठहराया है, जबकि 5 को बरी कर दिया है.

कोर्ट से RSS नेता इंद्रेश कुमार को क्लीन चिट मिल गई है. स्वामी असीमानंद को भी बरी कर दिया है. भावेश और देवेंद्र गुप्ता को सहित मृतक सुनील जोशी को भी दोषी ठहराया गया है. वहीँ पांच अन्य लोगों को राहत देते हुए बरी कर दिया है. इस मामले में सज़ा का फैसला 16 मार्च को होगा.

इस मामले में स्वामी असीमानंद, देवेंद्र गुप्ता, चंद्रशेखर लेवे, मुकेश वसानी, भारत मोहन रतेश्वर, लोकेश शर्मा और हर्षद सोलंकी पर मुकदमा दर्ज हुआ था. 11 अक्टूबर 2007 को हुए इस धमाके में तीन लोगों की मौत हो गयी थी जबकि 17 से अधिक लोग घायल हो गए थे.

2011 में इस केस को एनआईए को सौंप दिया गया था। उसके बाद एनआईए ने आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसमें असीमानंद को मास्टरमाइंड बताया गया था. इस मामले में कुल 184 लोगों के बयान दर्ज किए गए, जिसमें 26 महत्वपूर्ण गवाह अपने बयानों से मुकर गए थे.

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