चुनावों में धन की बर्बादी को लेकर नीति आयोग ने 2024 से लोकसभा अैर विधानसभा चुनावों को एकसाथ करवाने का सुझाव दिया है.

आयोग ने कहा कि ऐसा करने से चुनाव के दौरान ‘प्रचार मोड’ में जाने से शासन व्यवस्था और सरकारी कामों में रुकावटें भी कम होंगी और फिजुल पैसे भी खर्च कम होंगे. हालांकि स प्रस्ताव को लागू करने से एक बार कुछ विधानसभाओं के कार्यकाल बढ़ेंगे या कुछ में कटौती करनी पड़ेगी.

आयोग ने चुनाव आयोग को इस पर गौर करने को कहा है. साथ ही इसने एकमुश्त चुनावों का रोडमैप तैयार करने के लिए संबंधित पक्षों का एक टास्‍क फोर्स बनाने का भी सुझाव दिया. इस बारे में 6 माह के भीतर रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाना है. इसका अंतिम खाका अगले साल मार्च तक तैयार होगा.

यह सिफारिश इस लिहाज से अहम है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एकसाथ करवाने की वकालत कर चुके हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी में एकमुश्त चुनाव करवाने की वकालत करते हुए कहा था, ‘‘एकसाथ चुनाव से सभी को कुछ नुकसान होगा. हमें भी नुकसान होगा. एक पार्टी या सरकार इसे नहीं कर सकती. हमें मिलकर एक रास्ता तलाशना होगा.”

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