केंद्र की मोदी सरकार ने दावा किया कि अगर देश में लॉकडाउन नहीं होता तो और 54 हजार मौतें होतीं, जबकि 20 लाख कोरोना के मरीज होते।

Ministry of Statistics & Indian Statistical Institute की एक रिपोर्ट में कहा गया कि लॉकडाउन की वजह से करीब 23 लाख कोरोना के केस टल गए, जबकि 68 हजार लोगों की जान जाने से बचीं। वहीं Public Health Foundation of India के हवाले से कहा गया कि लॉकडाउन ने लगभग 78,000 जानें बचाई हैं।

केंद्र का कहना है कि “लॉकडाउन का फैसला देश में सही वक्त पर लिया गया। कई देशों ने इसमें देरी की, जिसका उन्हें खामियाजा उठाना पड़ा। चार अप्रैल के बाद से कोरोना के बढ़ते केसों में गिरावट आई और तभी से लॉकडाउन ने बढ़ते हुए कोरोना के मामलों की रफ्तार कम की।”

मोदी सरकार के मुताबिक, लॉकडाउन की शुरुआत में कोरोना के केस 3.4 दिन में दोगुणे हो रहे थे, जबकि अब ये 13.3 दिन में डबल हो रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार शाम तक देश में कोरोना के 48,534 मरीज अभी तक ठीक हो चुके हैं। यह कुल मामलों का 41 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 3,234 मरीज ठीक हुए हैं। वहीं, कोविड-19 मृत्यु दर 19 मई को 3.13 प्रतिशत से घटकर 3.02 प्रतिशत हो गई है।

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