जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर पर 150 मीटर लंबी सुरंग का पता लगा है। बताया जा रहा है कि नगरोटा मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादियों ने इस सुरंग से घुसपैठ की थी। सुरंग को बीएसएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के गश्ती दल ने खोजा है।

जम्मू बीएसएफ फ्रंटियर के पुलिस महानिरीक्षक एनएस जम्वाल का कहना है कि यह टनल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गांव रिगाल के पास मिली है, जो जीरो लाइन के पास है। उन्होने कहा, इंटरनेशनल बॉर्डर पर इस सुरंग का मिलना यह साफ करता है कि पाकिस्तानी सेना आतंकियों की मदद कर रही है।

सुरंग से कराची फैक्ट्री का सैंड बैग यानी बोरियां मिली हैं। सुरंग हाल ही में खोदी गई है और जमीन से 15-20 फीट नीचे है। यहां से कराची फैक्ट्री का सैंड बैग भी मिला है। सुरंग के अंदर की गोलाई करीब 2.5 फीट है। मिट्टी न धंसे इसके लिए सुरंग के दोनों तरफ लकड़ी के फट्टे लगाए गए हैं। ऐसा लगता है कि सुरंग का निर्माण कुशल इंजीनियरों ने किया है, जिससे इसका इस्तेमाल 12 महीने घुसपैठ के लिए किया जा सके।

सांबा सेक्टर में वर्ष 2016 में चचवाल में भारतीय सीमा के अंदर 500 मीटर तक खोदी गई सुरंग मिली थी। 29 जुलाई 2018 को रामगढ़ के चमलियाल के निकट सुरंग मिली थी जिसकी लंबाई भारतीय क्षेत्र में 200 मीटर पाई गई। 29 अगस्त 2020 को जिला के सीमावर्ती गांव बैनगलाड की सीमा से भी भारतीय क्षेत्र में 170 मीटर लंबी सुरंग मिली।

आतंकियों की ट्रेनिंग से लेकर उनकी लांचिंग तक का पूरा जिम्मा पाक सेना के पास है। पाकिस्तान सेना भारतीय क्षेत्र में आंतकियों की घुसपैठ करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। सुरंग को लंबे समय तक आंतकियों के इस्तेमाल के लिए बनाया गया है, ताकि घुसपैठ को आसान बनाया जा सके। – दिलबाग सिंह, पुलिस महानिदेशक

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