कैनरा बैंक के नेतृत्व वाले 12 बैंकों के संघ को चावल एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी Amira Pure Foods Pvt Ltd ने 1,200 करोड़ रुपये की चपत लगाई है। आरोपियों के देश छोड़ने की आशंका जताई जा रही है। मामले में सीबीआई ने केस दर्ज कर दिल्ली और एनसीआर स्थित आठ जगहों पर छापा भी मारा।

अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और प्रमोटर करण चनाना और एमडी राजेश अरोड़ा समेत शीर्ष एक्जीक्यूटिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एफआरआई में अरोड़ा और चनाना के अलावा अपर्णा पुरी, जवाहर कपूर, पूर्व निदेशक अनीता डियांग और वित्तीय प्रमुख अक्षय श्रीवास्तव का भी नाम है।

इस बीच लोन देने वाले एक बैंक ने कंपनी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के लिए एनसीएलटी का रुख किया है। सीबीआई की ओर से दर्ज की गई शिकायत के मुताबिक कंपनी को पंजाब नेशनल बैंक ने सबसे ज्यादा 260 करोड़ रुपये का लोन जारी किया था।

इसके अलावा केनरा बैंक के 197 करोड़ रुपये बकाया हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा के 180 करोड़ रुपये और बैंक ऑफ इंडिया के 147 करोड़ रुपये बाकी हैं। यही नहीं इस कंपनी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 112 करोड़ रुपये, येस बैंक से 99 करोड़ और आईसीआईसीआई बैंक से 75 करोड़ रुपये का लोन लिया था।

अमीरा इंडिया अमीरा मॉरिशस की सहयोगी कंपनी है। इसका आधिपत्य ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में पंजीकृत अमीरा नेचर फूड्स लिमिटेड के पास है और इसका मुख्यालय दुबई में है। देश से बाहर रहने वाले चनाना कंपनी के प्रमुख प्रमोटर हैं और भारतीय कंपनी का संचालन एमडी अरोड़ा करते हैं। अरोड़ा पश्चिमी दिल्ली में जनकपुरी में रहते हैं।

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