मंदी की चपेट में पारले बिस्किट, 10 हजार कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी

6:37 pm Published by:-Hindi News

देश की सबसे बड़ी बिस्किट निर्माता कंपनी पारले-जी ने मंगलवार को कहा कि वो बिक्री न होने से करीब 10 हजार कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा सकती है। कंपनी का कहना है लागत के बदले कंपनी की बिक्री काफी कम हो गई है, और जीएसटी के चलते उसको काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

कंपनी के कैटेग्री हेड मयंक शाह ने बुधवार को न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से पारले-जी जैसे मशहूर बिस्किट की बिक्री 7-8% घट गई है। 5 रुपए वाले पैक पर भी काफी ज्यादा जीएसटी लग रहा है। इस वजह से कंपनी को सभी पैक में बिस्किट की संख्या घटानी पड़ी। इससे ग्रामीण इलाकों में मांग घट गई। पारले का आधे से ज्यादा रेवेन्यू वहीं से आता है। टैक्स को लेकर पिछले साल सरकार से बात भी की थी। बिस्किट पर 18% जीएसटी लग रहा है।

शाह का कहना है कि कीमतों को लेकर ग्राहक बहुत ज्यादा सेंसेटिव हैं। वे देखते हैं कि उन्हें कितने बिस्किट मिल रहे हैं। बिक्री के हालात काफी खराब हैं। सरकार जल्द दखल नहीं देगी तो हमें मजबूरन कर्मचारियों की संख्या घटानी पड़ेगी।

SSC's box opened by the job, without direct recruitment interview

आपको बता दें कि पारले प्रोडक्ट्स की सेल्स 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा होती है।  कंपनी के कुल 10 प्लांट है। इसमें करीब एक लाख कर्मचारी काम करते है। साथ ही, कंपनी 125 थर्ड पार्टी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी ऑपरेट करती हैं। कंपनी की सेल्स का आधा से ज्यादा हिस्सा ग्रामीण बाजारों से आता है।

पिछले महीने मार्केट रिसर्च कंपनी नीलसन ने देश के FMCG सेक्टर को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें उन्होंने इस साल के लिए ग्रोथ का अनुमान घटाकर 9-10 फीसदी कर दिया है। इससे पहले ग्राोथ का अनुमान 11-12 फीसदी था. रिपोर्ट में बताया गया है कि आर्थिक सुस्ती का असर फूड बिजनेस पर दिख रहा है। इस सेक्टर में  सबसे बुरा  हाल, नमकीन, बिस्किट, मसाले, साबुन और पैकेट वाली चाय पर है।

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