पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गुरुवार को कहा कि पिछली कांग्रेस सरकारों की मजबूत नींव के कारण भारत साल 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मावलंकर हॉल स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, “जो लोग 55 साल के कांग्रेस शासन की आलोचना करते हैं, वे यह बात नज़रअंदाज़ कर देते हैं कि आज़ादी के वक्त भारत कहां था, और हम कितना आगे आ चुके हैं… हां, अन्य लोगों ने भी योगदान दिया, लेकिन आधुनिक भारत की नींव हमारे उन संस्थापकों ने रखी थी, जिन्हें योजनाबद्ध अर्थव्यवस्था में मज़बूती से भरोसा था, जबकि आज ऐसा नहीं है, जब योजना आयोग को ही खत्म कर दिया गया है…”

समृद्धि भारत फाउंडेशन द्वारा आयोजित व्याख्यान में उन्होंने कहा, ‘पंचवर्षीय योजनाओं ने दूसरे लोगों के बीच अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा के लिए दृष्टिकोण का निर्माण किया। इन योजनाओं के आधार पर निवेश किया जाता था।’ मुखर्जी ने आगे कहा कि वह इस बात से सहमत हैं कि गैर-कांग्रेसी गवर्नरों ने भी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मंगलयान को संभव बनाया गया है क्योंकि जादू से नहीं बल्कि निरंतर प्रयासों से जमीनी स्तर पर काम किया जाता है।

प्रणब मुखर्जी ने कहा, बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा 2024 तक भारत पांच ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बन जाएगा। लेकिन पांच ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी आसमान से नहीं टपक पड़ेगी. इसके लिए हमने एक मजबूत बुनियाद बनाई है। यह अंग्रेजों ने नहीं बल्कि आजादी के बाद भारतीयों ने बनाई है।

प्रणब मुखर्जी ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू और दूसरे लोगों ने आईआईटी, इसरो, आईआईएण और बैंकिंग नेटवर्क तैयार कराए। इसी की बदौलत भारत आज इतनी तेजी से तरक्की कर सका है। इसके बाद मनमोहन सिंह और नरसिंह राव सरकार की उदारवादी नीतियों की वजह से देश और आगे बढ़ा। इसने भारत की आर्थिक संभावनाओं को काफी ऊपर पहुंचा दिया। यही वह बुनियाद है जिसके आधार पर भारत का वित्त मंत्री यह दावा कर सका है कि देश 5 ट्रिलयन डॉलर की इकोनॉमी बन जाएगा।

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