Wednesday, December 8, 2021

जब सिख युवकों ने अपनी जान पर खेलकर मस्जिद और क़ुरान की हिफाज़त की

- Advertisement -

आजकल जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही है उसे देखकर कभी कभी महसूस होता है की इंसानियत शायद दम तोड़ चुकी है. वो भाईचारा जिसका ख्वाब हमारे पूर्वज देखते आये है वो आजकल कुछ धुंधला सा हो गया है लेकिन इतिहास गवाह है की बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत होती है.

सिख धर्म सेवाभाव का दूसरा नाम है सिख धर्म में इंसानियत और सेवा की सबसे ऊपर माना जाता है. 18 जुलाई को कश्मीर के नागबल क्षेत्र के भारी वर्षा के कारण बाढ़ की स्थिति हो गयी जिससे वर्षा का पानी तेज़ी से कटान करता हुआ उस जगह भी पहुँचने लगा जहाँ कच्ची मिट्टी की मस्जिद बनी हुई थी.

जब पानी तेज़ी से मस्जिद की तरफ कटान करते हुए आगे बढ़ा तो कुछ सिख युवकों ने तत्परता दिखाते हुए मस्जिद की हिफाज़त में अपनी जान की परवाह ना करते हुए मस्जिद के अहाते में पहुँच गये, हालाँकि मौसम और जगह देखकर अंदाज़ा लगाया जा सकता है की अगर ज़रा भी पैर फिसल जाता तो पानी के बहाव में संभल पाना मुश्किल हो जाता, लेकिन ना सिर्फ एक दो युवकों ने यह ज़िम्मेदारी संभाली बल्कि पूरा एक जत्था इस काम में जुट गये और मस्जिद में रखे कुरआन शरीफ से लेकर चटाइयों तथा अन्दर रखे सामान की हिफाज़त करके दम लिया.

विडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles